बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जेडीयू ने अपने उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। दूसरी लिस्ट में 44 प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं।
जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने गुरुवार को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 44 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही जेडीयू ने अपने कोटे की सभी 101 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पार्टी ने इस सूची में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की पूरी कोशिश की है, ताकि सामाजिक समीकरणों को साधा जा सके।

दूसरी सूची में कई पुराने और भरोसेमंद चेहरों को दोबारा मौका दिया गया है, वहीं कुछ नए उम्मीदवारों को भी मैदान में उतारा गया है। कैबिनेट मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को एक बार फिर सुपौल विधानसभा सीट से टिकट दिया गया है। वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और लगातार इस सीट से जीत दर्ज करते आए हैं।
सूची में चार मुस्लिम उम्मीदवारों को शामिल किया गया है, जिससे पार्टी ने अल्पसंख्यक समुदाय को भी प्रतिनिधित्व देने का संदेश दिया है। जेडीयू हमेशा से खुद को समावेशी और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी बताती रही है। नीतीश कुमार ने भी कई बार अपने भाषणों में कहा है कि बिहार की राजनीति में सामाजिक न्याय और साम्प्रदायिक सौहार्द उनकी प्राथमिकता है।

इसके अलावा, दूसरी सूची में नौ महिलाओं को टिकट दिया गया है। इससे यह स्पष्ट है कि जेडीयू महिला सशक्तिकरण को लेकर भी अपनी नीति पर कायम है। नीतीश कुमार के शासनकाल में महिलाओं को सरकारी नौकरियों और पंचायतों में आरक्षण का लाभ मिला है, और अब पार्टी उन्हें विधानसभा में भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के प्रयास में है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, टिकट वितरण में उम्मीदवारों की जीत की संभावना, स्थानीय समीकरण और उनकी संगठनात्मक सक्रियता को मुख्य आधार बनाया गया है। कई सीटों पर जातीय समीकरण और पिछली बार के चुनाव परिणामों का भी गहन विश्लेषण किया गया। यही वजह है कि कुछ दावेदारों के नाम बदल दिए गए जबकि कुछ नए चेहरों को मौका दिया गया है।
दूसरी सूची जारी होने के बाद जेडीयू नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। माना जा रहा है कि पार्टी अब चुनाव प्रचार की रणनीति पर तेजी से काम शुरू करेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही राज्य के विभिन्न जिलों में जनसभाएं कर सकते हैं और अपने प्रत्याशियों के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे।
पूरी लिस्ट यहां देखें
बिहार में इस बार का विधानसभा चुनाव दो चरणों में होने जा रहा है। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को और दूसरे चरण का 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। जेडीयू, भाजपा और अन्य सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे पर पहले ही सहमति बन चुकी है, जिसके तहत जेडीयू को कुल 101 सीटें मिली हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेडीयू की दूसरी सूची पार्टी की रणनीतिक सोच को दर्शाती है। पार्टी ने यह दिखाने की कोशिश की है कि वह सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक समुदायों के साथ संतुलित राजनीति करना चाहती है। नीतीश कुमार अब चुनाव प्रचार में अपने 20 साल के शासनकाल की उपलब्धियों—जैसे सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था में सुधार—को प्रमुख मुद्दा बनाएंगे।
कुल मिलाकर, जेडीयू की दूसरी सूची ने यह संकेत दिया है कि पार्टी न केवल पुराने चेहरों पर भरोसा जता रही है, बल्कि नए उम्मीदवारों को भी मौका देकर ताज़ा ऊर्जा लाने की कोशिश कर रही है। अब देखना यह होगा कि बिहार की जनता इस सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन वाली सूची को कितनी स्वीकार्यता देती है और आगामी चुनाव में जेडीयू का प्रदर्शन कैसा रहता है।
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