वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में एक श्रद्धालु की मौत हो गई। दर्शन करने के बाद जब कृपाल सिंह गेट नंबर 4 से बाहर निकल रहे थे तब उनकी तबीयत खराब हो गई और वहीं अचेत होकर गिर पड़े।
वृंदावन के विश्वप्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में बुधवार को दर्शन के दौरान एक श्रद्धालु की हार्ट अटैक से मौत हो गई। घटना ने श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मचा दी। मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और आवश्यक कार्रवाई की। मृतक की पहचान मेरठ (उत्तर प्रदेश) निवासी कृपाल सिंह (उम्र 56 वर्ष, पिता श्री शेर सिंह) के रूप में हुई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कृपाल सिंह अपने परिवार के साथ सुबह करीब 10 बजे बांके बिहारी मंदिर पहुंचे थे। वे भीड़ के बीच भगवान के दर्शन के लिए पंक्ति में खड़े थे। जैसे ही उन्होंने ठाकुर जी के दर्शन किए, अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे वहीं गिर पड़े। आसपास खड़े श्रद्धालुओं ने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद मंदिर प्रशासन के कर्मचारी और सुरक्षा कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे।
मंदिर प्रशासन ने बिना समय गंवाए कृपाल सिंह को नजदीकी रामकृष्ण मिशन अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें तीव्र हृदयाघात (हार्ट अटैक) आया था। अस्पताल प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली वृंदावन पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मंदिर पहुंचे। अधिकारियों ने मृतक के परिवार से बातचीत की और घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजनों ने किसी तरह की शिकायत दर्ज कराने से इनकार किया है। उनके अनुसार, कृपाल सिंह को पहले से ही हृदय संबंधी समस्या थी और वे कुछ दिनों से स्वास्थ्य ठीक नहीं महसूस कर रहे थे।
कोतवाली प्रभारी ने बताया, “मृतक के परिजन मेरठ से दर्शन के लिए वृंदावन आए थे। दर्शन के दौरान अचानक उन्हें सीने में दर्द हुआ और वे गिर पड़े। तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार की सहमति से शव को पोस्टमार्टम के बाद सौंपा जाएगा।”
श्रद्धालुओं में मचा हड़कंप

घटना के बाद कुछ समय के लिए मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चूंकि बुधवार को अवकाश का दिन था और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में मौजूद थे, इसलिए कुछ देर के लिए भीड़ को नियंत्रित करने में सुरक्षा कर्मियों को दिक्कत हुई। बाद में पुलिस और मंदिर प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए दर्शन व्यवस्था को फिर से सुचारू कर दिया।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि बांके बिहारी मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, खासकर छुट्टियों और त्योहारों पर यहां भीड़ कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में कई बार स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे श्रद्धालुओं को गर्मी और भीड़ के कारण परेशानी होती है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतें और अस्वस्थ होने पर भीड़ में न जाएं।
मंदिर प्रशासन ने जताया दुख
मंदिर के सेवादारों और प्रशासन ने श्रद्धालु की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। एक अधिकारी ने कहा, “हमें इस घटना का बहुत दुख है। हमने तुरंत चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई, लेकिन अफसोस कि श्रद्धालु को बचाया नहीं जा सका। हम उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।”
भीड़ नियंत्रण पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर बांके बिहारी मंदिर में भीड़ नियंत्रण और स्वास्थ्य आपातकालीन सुविधाओं पर सवाल खड़े करती है। पिछले कुछ वर्षों में कई बार भीड़भाड़ के दौरान हादसे हुए हैं, जिनमें श्रद्धालुओं की जानें गई हैं। प्रशासन ने बाद में कई सुधार किए, जैसे सीसीटीवी निगरानी, आपातकालीन मेडिकल सहायता केंद्र और पुलिस तैनाती, लेकिन फिर भी बड़ी भीड़ के समय हालात चुनौतीपूर्ण बने रहते हैं।
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने मांग की है कि मंदिर में स्वास्थ्य जांच केंद्र या प्राथमिक चिकित्सा सुविधा को स्थायी रूप से स्थापित किया जाए ताकि इस तरह की आकस्मिक घटनाओं से निपटा जा सके।
परिवार में मातम
कृपाल सिंह की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। परिजन का कहना है कि कृपाल सिंह भगवान बांके बिहारी के दर्शन की इच्छा लंबे समय से कर रहे थे और इस यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित थे। लेकिन दर्शन के तुरंत बाद ही उनका यूं अचानक चले जाना परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं है।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वृंदावन के भक्तों और स्थानीय लोगों ने श्रद्धालु की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस कठिन समय में शक्ति देने की कामना की।