दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा पर एसिड अटैक, कॉलेज के पास वारदात से हड़कंप !

दिल्ली यूनिवर्सिटी की सेकंड ईयर की छात्रा पर एसिड अटैक होने से हड़कंप मच गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इस घटना में पीड़ित छात्रा का हाथ जल गया है।

देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है। दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक छात्रा पर सोमवार सुबह अज्ञात हमलावरों ने एसिड अटैक कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब छात्रा कॉलेज जा रही थी। हमला कॉलेज से कुछ ही दूरी पर हुआ, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तुरंत घायल छात्रा को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा पर एसिड अटैक, कॉलेज के पास वारदात से हड़कंप !
दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा पर एसिड अटैक, कॉलेज के पास वारदात से हड़कंप !

घटना की पूरी जानकारी

यह घटना उत्तर दिल्ली के मौरिस नगर इलाके में हुई, जहां दिल्ली यूनिवर्सिटी का नॉर्थ कैंपस स्थित है। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता तीसरे वर्ष की छात्रा है और सोमवार सुबह लगभग 8:45 बजे अपनी स्कूटी से कॉलेज जा रही थी। इसी दौरान, जब वह कॉलेज से करीब 500 मीटर की दूरी पर पहुंची, तभी बाइक सवार दो युवकों ने उस पर एसिड फेंक दिया और मौके से फरार हो गए।

स्थानीय लोगों ने चीख सुनते ही छात्रा की मदद की और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा को लोक नायक जयप्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल में भर्ती कराया गया।

छात्रा की हालत गंभीर लेकिन स्थिर

डॉक्टरों के अनुसार, छात्रा के चेहरे और गर्दन पर गंभीर जलन है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद उसे बर्न्स यूनिट में शिफ्ट किया गया है। डॉक्टरों ने कहा कि उसकी हालत फिलहाल स्थिर है लेकिन उसे आगे के इलाज के लिए कुछ दिनों तक निगरानी में रखा जाएगा।

छात्रा की हालत गंभीर लेकिन स्थिर
छात्रा की हालत गंभीर लेकिन स्थिर

LNJP अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने बताया,

“लड़की के चेहरे का दाहिना हिस्सा और गर्दन बुरी तरह झुलस गई है। आंखों की जांच की जा रही है कि कहीं दृष्टि को नुकसान तो नहीं पहुंचा।”

पुलिस ने जांच शुरू की, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे

दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें जांच में लगा दी हैं। मौरिस नगर थाना पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज जब्त किए हैं, जिनमें दो संदिग्ध बाइक सवारों को देखा गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान जल्द की जाएगी

दिल्ली पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जिला) ने बताया,

“प्रारंभिक जांच में यह व्यक्तिगत रंजिश का मामला लग रहा है। हमलावरों की तलाश के लिए कई टीमों को लगाया गया है और सीसीटीवी कैमरों की मदद से उनकी पहचान की जा रही है।”

पुलिस को एक पूर्व परिचित पर शक

पुलिस सूत्रों के अनुसार, छात्रा के मोबाइल फोन की जांच में पता चला है कि वह कुछ समय से एक युवक से संपर्क में थी, जिससे किसी विवाद के चलते बातचीत बंद हो गई थी। पुलिस को शक है कि वही युवक या उसके साथी इस घटना में शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

परिवार में मातम और आक्रोश

घटना की जानकारी मिलते ही छात्रा का परिवार अस्पताल पहुंचा। परिजनों ने कहा कि लड़की किसी से दुश्मनी नहीं रखती थी और अपनी पढ़ाई में पूरी तरह व्यस्त थी।
पीड़िता के पिता ने कहा,

“मेरी बेटी रोज इसी रास्ते से कॉलेज जाती थी। अगर राजधानी में दिनदहाड़े इस तरह हमला हो सकता है, तो कोई भी सुरक्षित नहीं है।”

परिवार ने सरकार से कड़ी कार्रवाई और हमलावरों को सख्त सजा देने की मांग की है।

विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों का विरोध प्रदर्शन

घटना के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्र संगठनों और शिक्षकों में आक्रोश फैल गया है। कई छात्र संगठनों ने महिला सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया है।
DU Students’ Union (DUSU) ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए।

एक छात्रा नेता ने कहा,

“यह सिर्फ एक लड़की पर हमला नहीं, बल्कि सभी छात्राओं की सुरक्षा पर हमला है। जब दिल्ली जैसी जगह पर ऐसा हो सकता है, तो बाकी जगहों की क्या स्थिति होगी?”

दिल्ली महिला आयोग ने लिया संज्ञान

दिल्ली महिला आयोग (DCW) की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने घटना पर तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा,

“दिल्ली में फिर एक बेटी पर एसिड अटैक हुआ है। आयोग ने पुलिस को नोटिस जारी किया है और रिपोर्ट मांगी है। हम पीड़िता को न्याय दिलाने तक चुप नहीं बैठेंगे।”

उन्होंने सरकार से मांग की कि एसिड की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाए, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद कई जगह खुलेआम एसिड बेचा जा रहा है।

दिल्ली में एसिड अटैक के बढ़ते मामले

दिल्ली में पिछले कुछ वर्षों में एसिड अटैक की घटनाएं पूरी तरह थमी नहीं हैं। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 2022 से 2024 के बीच ऐसे करीब 30 मामले दर्ज किए गए, जिनमें अधिकांश में आरोपी पीड़िता के परिचित थे।
सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में एसिड बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब भी यह कानून पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है।

निष्कर्ष

दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा पर हुआ यह एसिड अटैक एक बार फिर महिला सुरक्षा और कानूनी सख्ती की कमी पर सवाल खड़ा करता है। राजधानी में दिनदहाड़े ऐसी वारदात का होना दर्शाता है कि अपराधियों में कानून का डर घटता जा रहा है।
पुलिस की जांच जारी है, और सरकार ने पीड़िता के इलाज का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की है।

लोगों की एक ही मांग है — हमलावरों को सख्त सजा मिले, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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