जीतन राम मांझी ने कहा कि पहले चरण में लगभग 70 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया है. 11 नवंबर को 122 सीटों पर महिलाएं एनडीए पक्ष के उम्मीदवारों को वोट करेंगी.
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले राज्य की राजनीति में बयानबाजी और सियासी तापमान और भी तेज हो गया है. इस बीच केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने एनडीए की जीत को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि एनडीए 160 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगा. मांझी का यह बयान उस समय आया है जब 11 नवंबर को दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदान होना है और चुनावी माहौल अपने चरम पर है.

सोमवार को गया में पत्रकारों से बात करते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि पहले चरण में जनता का जो उत्साह देखने को मिला है, उससे यह स्पष्ट है कि सत्ता में एक बार फिर एनडीए सरकार ही लौटेगी. मांझी ने कहा कि पहले चरण के मतदान में महिलाओं ने रिकॉर्ड संख्या में वोटिंग की है. उन्होंने दावा किया कि लगभग 70 प्रतिशत महिला वोटरों ने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल किया और इनमें से एक बड़ी संख्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा जताती है.
मांझी ने यह भी कहा कि बिहार में विकास, सुशासन और सामाजिक समरसता को आगे बढ़ाने के लिए नीतीश कुमार के नेतृत्व की अहम भूमिका रही है. इसलिए जनता चाहती है कि सरकार स्थिर और अनुभवयुक्त हाथों में ही रहे. उन्होंने कहा, “महिलाओं, दलितों और गरीबों के बीच नीतीश कुमार की लोकप्रियता अब भी बरकरार है. यही वजह है कि हमने पहले चरण में ऐतिहासिक वोटिंग देखी है. इसका परिणाम साफ है कि एनडीए की जीत तय है.”
मोदी-नीतीश फैक्टर को बताया जीत की कुंजी
मांझी ने इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संयुक्त नेतृत्व को भी एनडीए की जीत का मुख्य कारण बताया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की योजनाओं ने देशभर में गरीब तबके तक सीधे लाभ पहुंचाया है. दूसरी ओर, बिहार में नीतीश कुमार ने शिक्षा, पंचायत सशक्तिकरण, महिलाओं की सुरक्षा और शराबबंदी के जरिए सामाजिक बदलाव की दिशा में कार्य किया है.
उन्होंने कहा, “मोदी और नीतीश दोनों की छवि साफ और विकासकारी है. जनता जानती है कि विपक्ष दिखावे और बयानों में तो सक्रिय है, लेकिन जमीनी काम में उनके पास दिखाने के लिए कुछ ठोस नहीं है.”
विपक्ष पर साधा निशाना
जीतन राम मांझी ने महागठबंधन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष केवल वादों और आरोपों की राजनीति कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन जनता को गुमराह करने की कोशिश में है, लेकिन जनता अब राजनीतिक समझ में परिपक्व हो चुकी है. मांझी ने कहा कि जातीय समीकरण या गठबंधन बदलने से अब चुनावी परिणाम नहीं बदलते. उनके अनुसार, अब विकास और स्थिर नेतृत्व ही जनता की प्राथमिकता है.
दूसरे चरण से पहले बयान का राजनीतिक महत्व
बिहार में दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदान होना है, जिनमें कई सीटें बेहद दिलचस्प और सीधे मुकाबले वाली हैं. मांझी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब एनडीए अपने वोटरों को एकजुट रखने और मतदान में अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने की रणनीति पर काम कर रहा है. इस बयान का उद्देश्य समर्थकों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ विपक्ष द्वारा किए जा रहे मनोवैज्ञानिक राजनीतिक हमलों का जवाब देना माना जा रहा है.
कुल मिलाकर, जीतन राम मांझी का यह दावा चुनावी माहौल में नए राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दूसरे चरण के मतदान और उसके बाद आने वाले नतीजे उनके इस दावे को कितना सही या गलत साबित करते हैं।
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