सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार चुनाव में हार का ठीकरा एसआईआर पर फोड़ दिया है, उन्होंने दावा किया बिहार में एसआईआर ने खेल किया है.
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। महागठबंधन को जहां करारी हार का सामना करना पड़ रहा है, वहीं एनडीए गठबंधन भारी बहुमत की ओर बढ़ता दिख रहा है। 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए 190 से अधिक सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि रोजगार, विकास और बदलाव के बड़े वादों के बावजूद तेजस्वी यादव की अगुवाई वाला महागठबंधन पीछे छूट गया है।
इस पर जहां विपक्षी दलों में निराशा है, वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस हार का ठीकरा सीधे चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया पर फोड़ा है।

SIR पर अखिलेश यादव का बड़ा आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि बिहार चुनाव में हार महागठबंधन की लोकप्रियता में कमी की वजह से नहीं, बल्कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (Special Intensive Revision – SIR) नामक प्रक्रिया में हुई ‘अनियमितताओं’ का परिणाम है। अखिलेश के अनुसार, इस प्रक्रिया की आड़ में मतदाता सूची में कई तरह की गड़बड़ियां की गईं, जिनका सीधा असर चुनाव परिणामों पर पड़ा।

उनका आरोप है कि बिहार में बड़े पैमाने पर मतदाता सूचियों में ऐसे परिवर्तन किए गए जो चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से किए गए। सपा चीफ ने कहा कि “बिहार में जो खेल SIR ने किया है, अब उसे उत्तर प्रदेश में नहीं होने दिया जाएगा।”
यूपी में बनाए जाएंगे ‘PDA प्रहरी’
अखिलेश ने कहा कि वे उत्तर प्रदेश में ऐसी किसी भी चुनावी साजिश को सफल नहीं होने देंगे। इसके लिए उन्होंने ‘PDA प्रहरी’ बनाने का ऐलान किया है—ऐसा नेटवर्क जो SIR और मतदाता सूची संशोधन प्रक्रियाओं पर पैनी नजर रखेगा।
अखिलेश के अनुसार, PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग को लक्षित कर कई राज्यों में मतदाता सूचियों में हेरफेर की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन वर्गों के वोट लगातार घटाए जा रहे हैं या स्थानांतरित किए जा रहे हैं, जिससे चुनावी परिणाम प्रभावित होते हैं।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले ऐसे किसी भी प्रयास को नाकाम कर दिया जाएगा और PDA प्रहरी हर जिले, ब्लॉक और सेक्टर में सक्रिय रहेंगे।
चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग के कामकाज पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग का काम निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना है, लेकिन SIR जैसी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता नहीं दिखाई दे रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार चुनावों के दौरान चुनाव आयोग ने शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। अखिलेश के मुताबिक, मतदाता सूची की सफाई के नाम पर हजारों वैध वोट हटाए गए और कई जगहों पर नए नाम जोड़े गए, जिससे वास्तविक जनमत को दबा दिया गया।
बीजेपी पर बड़ा हमला—‘भाजपा नहीं, भाजपा छल’
सपा अध्यक्ष ने बीजेपी पर भी सीधा और तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी अब ‘भारतीय जनता पार्टी’ नहीं बल्कि ‘भारतीय जनता छल’ बन चुकी है।
अखिलेश के अनुसार, बीजेपी लोकतंत्र की प्रक्रिया में विश्वास नहीं करती, बल्कि सत्ता के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाती है। उन्होंने कहा कि बिहार में जो हुआ, वह सिर्फ चुनावी गड़बड़ियों का उदाहरण भर है और देश के अन्य राज्यों में भी ऐसी आशंकाएँ बढ़ रही हैं।
राजनीतिक माहौल में नई गरमी
बिहार में आए शुरुआती रुझानों ने जहां एनडीए खेमे में उत्साह भर दिया है, वहीं विपक्षी दलों में निराशा और क्रोध दोनों दिखाई दे रहे हैं। अखिलेश यादव का यह बयान इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में बिहार के नतीजों को लेकर राजनीतिक विवाद और गरमा सकते हैं।
उधर, महागठबंधन की ओर से अभी तक किसी बड़े नेता ने इस मुद्दे पर विस्तार से प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन अखिलेश के बयान ने विपक्ष की रणनीति और आगे की राह को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।