UP में एनकाउंटर स्पीड मोड: 24 घंटे में बदमाशों का सफाया !

उत्तर प्रदेश में बदमाशों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है। प्रदेश के 5 जिलों में एक बार फिर से पुलिस और बदमाशो के बीच एनकाउंटर हुआ है जिसमें कई अपराधियों को पकड़ा गया है।

उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई एक बार फिर सुर्खियों में है। पिछले 24 घंटे के भीतर 5 अलग-अलग शहरों में हुए लगातार एनकाउंटर ने जहां पुलिस की सख्त कार्यशैली को दर्शाया है, वहीं अपराधियों में खौफ का माहौल बना दिया है। राज्य के बुलंदशहर, प्रतापगढ़, सीतापुर और शाहजहांपुर समेत कई जिलों में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीमों ने मिलकर यह अभियान चलाया, जिसमें कई शातिर अपराधी धर दबोचे गए।

UP में एनकाउंटर स्पीड मोड: 24 घंटे में बदमाशों का सफाया !
UP में एनकाउंटर स्पीड मोड: 24 घंटे में बदमाशों का सफाया !

सूत्रों के अनुसार, विभिन्न जिलों में हुई इन मुठभेड़ों में 10 से अधिक बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ अपराधी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल भी हुए हैं। पुलिस ने “ऑपरेशन लंगड़ा” चलाते हुए 5 बदमाशों को घेरकर गिरफ्तार किया, जिन पर हत्या, लूट, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट के गंभीर मामले दर्ज हैं। यह कार्रवाई राज्य सरकार की ‘जिरो टॉलरेंस’ नीति के अनुरूप मानी जा रही है।

बुलंदशहर में बड़ा ऑपरेशन

बुलंदशहर में पुलिस को कुख्यात बदमाशों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इस आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की। मुठभेड़ के दौरान अपराधियों ने पुलिस पर गोलियां चलाईं, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इस एनकाउंटर में दो बदमाश घायल हो गए, जिन्हें बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से अवैध हथियार, कारतूस और चोरी की बाइक बरामद की गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों अपराधियों पर कई थानों में गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज हैं और लंबे समय से पुलिस को उनकी तलाश थी।

प्रतापगढ़ में एनकाउंटर के दौरान दो बदमाश पकड़े गए

प्रतापगढ़ में भी पुलिस और बदमाशों के बीच फिल्मी अंदाज में मुठभेड़ हुई। यहां दो अपराधी एक जंगल मार्ग पर पुलिस को देख भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया तो उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल हुए और तुरंत ही गिरफ्तार कर लिए गए।

पकड़े गए अपराधी कई वारदातों के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं, जिनमें हत्या और लूट की घटनाएँ शामिल हैं। पुलिस इनसेनेटवर्क और अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है।

सीतापुर और शाहजहांपुर में भी ऑपरेशन जारी

सीतापुर में पुलिस को सूचना मिली थी कि दो बदमाश वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। पुलिस टीम ने संभावित स्थानों की घेराबंदी की और थोड़ी देर बाद छिपे अपराधियों के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई। पुलिस की कार्रवाई में दोनों बदमाशों को पकड़ा गया।

वहीं शाहजहांपुर में एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक भगोड़े अपराधी को घेरा। अपराधी ने पुलिस पर फायरिंग की, लेकिन पुलिस ने उसे काबू कर लिया। पकड़ा गया आरोपी लंबे समय से फरार था और उस पर इनाम भी घोषित था।

ऑपरेशन लंगड़ा बन रहा अपराधियों का सिरदर्द

उत्तर प्रदेश पुलिस का खास अभियान “ऑपरेशन लंगड़ा” लगातार अपराधियों को पकड़ने में कारगर साबित हो रहा है। इस ऑपरेशन का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि पुलिस जवाबी कार्रवाई में बदमाशों को अक्सर पैर में गोली मारकर काबू करती है, जिससे वे भाग नहीं पाते।

इस 24 घंटे के अभियान में भी पुलिस ने इसी रणनीति का इस्तेमाल किया और कई बदमाशों को इसी तरीके से गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि यह तरीका कम से कम जानलेवा है और अपराधियों को जिंदा पकड़ने में मदद करता है।

पुलिस और एसटीएफ का संयुक्त अभियान

इस बार के एनकाउंटर में एसटीएफ की भूमिका भी अहम रही। एसटीएफ के इनपुट पर ही कई अभियानों को अंजाम दिया गया, खासकर शाहजहांपुर और प्रतापगढ़ में। दोनों टीमों ने मिलकर उन अपराधियों को घेरा जो लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर थे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान अपराधियों को स्पष्ट संदेश देता है कि कानून से बच पाना अब आसान नहीं है। राज्य में अपराध नियंत्रण के लिए ऐसे ऑपरेशन आगे भी चलते रहेंगे।

अपराधियों में बढ़ा खौफ, पुलिस की बढ़ी साख

इन ताबड़तोड़ एनकाउंटरों के बाद राज्य के कई जिलों में अपराधियों में दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियान का असर जमीन पर दिखाई दे रहा है और आपराधिक गतिविधियों में कमी आई है।

सरकार की ओर से भी इन अभियानों की सराहना की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अपराधियों के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में कोई ढिलाई न दी जाए।

कुल मिलाकर, यूपी में पिछले 24 घंटों में चला ये बड़ा ऑपरेशन पुलिस की सक्रियता और तत्परता का स्पष्ट संकेत देता है। अपराधियों पर लगाम कसने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

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