फिरोजाबाद को दूसरा मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय मिल गया है. 25 करोड़ की लागत से सिरसागंज तहसील में आधुनिक सुविधाओं से लैस विद्यालय खुलेगा.
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और आधुनिक सुविधाओं से लैस विद्यालय उपलब्ध कराने के लिए लगातार कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में फिरोजाबाद जिले को एक और बड़ा तोहफा मिला है। जसराना तहसील के एका ब्लॉक के कुलखड़ीत में पहले से स्वीकृत मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल के बाद अब सिरसागंज के करहरा में दूसरा ‘सीएम मॉडल कंपोजिट स्कूल’ बनने जा रहा है। इसके निर्माण के लिए प्रदेश शासन ने 25 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान कर दी है।
राज्य सरकार का मानना है कि आधुनिक और सुदृढ़ शिक्षा संरचना ही बच्चों के भविष्य को दिशा दे सकती है। इसी उद्देश्य के साथ ‘मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल’ योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। ये स्कूल न सिर्फ पढ़ाई के लिए उन्नत सुविधाएँ उपलब्ध कराएंगे बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के मूल सिद्धांतों के अनुरूप विद्यार्थियों को वापसीय, डिजिटल, प्रायोगिक और समग्र शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

करहरा में प्रस्तावित नए मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल में प्री-प्राइमरी से लेकर इंटरमीडिएट यानी कक्षा 1 से 12 तक की शिक्षा एक ही परिसर में उपलब्ध होगी। यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में खासतौर से लाभकारी मानी जा रही है, जहाँ कई बार उच्च कक्षाओं के लिए छात्रों को दूर-दराज के स्कूलों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्कूल में 30 से अधिक कक्षाएँ बनाई जाएँगी, जो विभिन्न वर्गों के छात्रों के लिए अलग-अलग होंगी। इससे एक ही परिसर में विविध आयु वर्ग के बच्चों को सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण में शिक्षा प्राप्त हो सकेगी।
स्कूल को अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाओं से भी जोड़ा जाएगा। डिजिटल लर्निंग लेब, स्मार्ट क्लासरूम, प्रोजेक्टर, ई-लर्निंग कंटेंट, हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी सुविधाएँ बच्चों को उपलब्ध होंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी वही तकनीकी और डिजिटल शिक्षा मिल सकेगी जो बड़े शहरों और प्राइवेट स्कूलों में दी जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार प्रयुक्त होने वाली ‘इंटीग्रेटेड लर्निंग’ और ‘एक्टिव लर्निंग मॉडल’ को भी यहां लागू किया जाएगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, स्कूल के निर्माण और विकास के लिए कुल 25 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इस राशि में भवन निर्माण, कक्षाओं का विकास, फर्नीचर, डिजिटल उपकरण, खेल सुविधाएँ, विज्ञान प्रयोगशालाएँ और पुस्तकालय जैसी सभी मूलभूत और आधुनिक आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा।
फिरोजाबाद जनपद में पहले से प्रस्तावित सीएम मॉडल कंपोजिट स्कूल कुलखड़ीत में तेजी से विकसित हो रहा है। उसके बाद करहरा में दूसरा स्कूल खुलने से जिले में शिक्षा के स्तर को नया आयाम मिलेगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना से न केवल शिक्षा का स्तर ऊपर उठेगा, बल्कि ग्रामीण छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और बेहतर माहौल में पढ़ाई करने का अवसर भी मिलेगा।
शासन द्वारा जारी निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन मॉडल स्कूलों का संचालन पूरी तरह से पारदर्शी और आधुनिक प्रणाली पर आधारित होगा। शिक्षक-छात्र अनुपात को बेहतर रखा जाएगा और विषय विशेषज्ञ फैकल्टी की नियुक्ति भी मेरिट आधार पर की जाएगी। साथ ही, स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से छात्रों की प्रगति का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से रखा जाएगा।
करहरा क्षेत्र के लोगों में इस परियोजना की घोषणा को लेकर खुशी है। स्थानीय प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इस स्कूल से शिक्षा के क्षेत्र में करहरा और आसपास के गाँवों में बड़ा सकारात्मक बदलाव आएगा। पहले जहाँ ग्रामीण छात्र उच्च स्तर की पढ़ाई के लिए शहरों की ओर रुख करते थे, वहीं अब उन्हें अपने ही क्षेत्र में आधुनिक शिक्षा केंद्र उपलब्ध होगा।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल योजना उत्तर प्रदेश में शिक्षा की दिशा और दशा बदलने का बड़ा माध्यम बन रही है। करहरा में 25 करोड़ की मंजूरी से शुरू होने वाला यह नया स्कूल भविष्य में हजारों बच्चों को बेहतर अवसर, तकनीकी ज्ञान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेगा, जिससे प्रदेश की शिक्षा प्रणाली और मजबूत होने की उम्मीद है।
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