बाराबंकी से योगी का बड़ा बयान, बाबरी ढांचे पर अब अंतिम फैसला !

बाराबंकी में CM योगी का बड़ा बयान, बोले—कयामत के दिन तक बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बाबरी मस्जिद को लेकर बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कयामत के दिन तक भी बाबरी मस्जिद के ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बाराबंकी से योगी का बड़ा बयान, बाबरी ढांचे पर अब अंतिम फैसला !
बाराबंकी से योगी का बड़ा बयान, बाबरी ढांचे पर अब अंतिम फैसला !

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान जो संकल्प लिया गया था, वह पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा,
“हम लोगों ने कहा था कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। मंदिर वहीं पर बन गया। आज फिर हम कह रहे हैं कि कयामत के दिन तक भी बाबरी मस्जिद के ढांचे का पुनर्निर्माण होना ही नहीं है।”

मुख्यमंत्री ने यह बयान भारी संख्या में मौजूद समर्थकों के बीच दिया, जिस पर लोगों ने तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी।

राम मंदिर निर्माण का किया उल्लेख

सीएम योगी ने अपने भाषण में अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दशकों तक चले कानूनी और सामाजिक संघर्ष के बाद राम मंदिर का निर्माण हुआ है और यह मामला अब इतिहास बन चुका है।

राम मंदिर निर्माण का किया उल्लेख
राम मंदिर निर्माण का किया उल्लेख

उन्होंने दोहराया कि राम जन्मभूमि का मुद्दा अब पूरी तरह से सुलझ चुका है और इस पर कोई भ्रम या असमंजस नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ने देखा है कि कैसे शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से इस विवाद का समाधान हुआ।

“कयामत का सपना देखने वालों पर तंज”

सीएम योगी ने अपने बयान में उन लोगों पर भी तंज कसा जो बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण की बात करते हैं। उन्होंने कहा,
“जो कयामत के दिन के आने का सपना देख रहे हैं, वो दिन आना ही नहीं है।”

उनका यह बयान राजनीतिक संदेश के साथ-साथ वैचारिक स्पष्टता के रूप में देखा जा रहा है। सीएम योगी ने यह भी संकेत दिया कि उनकी सरकार अतीत के विवादों को हवा देने के बजाय विकास और सुशासन पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

राजनीतिक हलकों में बयान की चर्चा

सीएम योगी के इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। जहां भाजपा समर्थकों ने इसे आस्था और संकल्प का प्रतीक बताया है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक बयान करार दिया है। हालांकि मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में किसी भी समुदाय का नाम लिए बिना अपनी बात रखी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान भाजपा के कोर वोट बैंक को मजबूत करने और राम मंदिर निर्माण के बाद पार्टी की वैचारिक स्थिति को दोहराने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

बाराबंकी दौरे का सियासी महत्व

बाराबंकी को अवध क्षेत्र की राजनीति में अहम माना जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यहां इस तरह का बयान देना सियासी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीएम योगी का यह दौरा विकास कार्यों और जनसभाओं से जुड़ा था, लेकिन उनके बयान ने कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर की चर्चा में ला दिया।

विकास और आस्था का संतुलन

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के विकास, कानून-व्यवस्था और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि आस्था के मुद्दों का समाधान हो चुका है और अब समय है कि उत्तर प्रदेश को विकास के नए शिखर पर पहुंचाया जाए।

सीएम योगी का यह बयान आने वाले समय में राजनीतिक बहस का विषय बना रह सकता है, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया है कि बाबरी मस्जिद के ढांचे के पुनर्निर्माण का प्रश्न अब समाप्त हो चुका है।

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