कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक निदेशक कौशल विकास आईएएस संजय कुमार से निदेशक सेवायोजन का अतिरिक्त प्रभार हटा लिया गया है, जबकि उनके अन्य पद यथावत रहेंगे.
उत्तराखंड सरकार ने गुरुवार देर शाम एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 11 आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस फेरबदल को राज्य प्रशासनिक ढांचे को अधिक प्रभावी और चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार कई जिलों और महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। खास तौर पर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में नए जिलाधिकारी की तैनाती चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

जारी आदेश के मुताबिक, आईएएस विशाल मिश्रा को रुद्रप्रयाग का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह राज्य सरकार में अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा रहे थे। उनकी तैनाती ऐसे समय में हुई है, जब रुद्रप्रयाग जिला चारधाम यात्रा और विकास परियोजनाओं को लेकर लगातार सुर्खियों में रहता है। ऐसे में नए डीएम के सामने प्रशासनिक समन्वय, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को गति देने की बड़ी चुनौती होगी।
वहीं, रुद्रप्रयाग में तैनात रहे आईएएस प्रतीक जैन को गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रतीक जैन को मिशन निदेशक जल जीवन मिशन, निदेशक नमामि गंगे और परियोजना निदेशक केएफडब्ल्यू का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इन सभी परियोजनाओं का सीधा संबंध राज्य में पेयजल, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से है, जिससे यह साफ है कि सरकार ने उन पर भरोसा जताया है।
कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार निदेशक कौशल विकास आईएएस संजय कुमार से निदेशक सेवायोजन का अतिरिक्त प्रभार हटा लिया गया है। हालांकि, उनके अन्य पद और जिम्मेदारियां यथावत रखी गई हैं। माना जा रहा है कि यह निर्णय कार्य विभाजन को और अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
प्रशासनिक फेरबदल में आईएएस सौरभ गहरवार को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें प्रबंध निदेशक सिडकुल (SIDCUL) के साथ-साथ अपर सचिव उद्योग और निदेशक राजकीय मुद्रणालय का दायित्व सौंपा गया है। औद्योगिक विकास के लिहाज से सिडकुल उत्तराखंड का एक महत्वपूर्ण संस्थान है, ऐसे में सौरभ गहरवार की भूमिका आने वाले समय में काफी अहम मानी जा रही है।
इसके अलावा आईएएस नरेंद्र सिंह भंडारी को अपर सचिव नियोजन के साथ-साथ उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी और निदेशक सेवायोजन की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। पर्यटन उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, इसलिए इस विभाग में किए गए बदलाव को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आईएएस विनोद गिरी गोस्वामी को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उन्हें अपर सचिव शहरी विकास के साथ-साथ अपर सचिव आवास और मुख्य कार्यपालक अधिकारी भागीरथी घाटी विकास प्राधिकरण का दायित्व दिया गया है। शहरी विकास और आवास से जुड़े प्रोजेक्ट्स तेजी से आगे बढ़ाने के लिए यह नियुक्ति अहम मानी जा रही है।
इस प्रशासनिक फेरबदल में कुछ पीसीएस अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं, हालांकि उनके नाम और नई तैनातियों की विस्तृत जानकारी अलग से साझा की गई है। सरकार का कहना है कि यह फेरबदल पूरी तरह प्रशासनिक जरूरतों और कार्यकुशलता को ध्यान में रखकर किया गया है।
राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यह तबादले आने वाले महीनों में राज्य की विकास योजनाओं, पर्यटन सीजन और चारधाम यात्रा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। खासकर रुद्रप्रयाग जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिले में नए जिलाधिकारी की तैनाती को बेहद अहम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड सरकार का यह प्रशासनिक फेरबदल राज्य में बेहतर प्रशासनिक समन्वय, विकास कार्यों में तेजी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इन नई नियुक्तियों का असर जमीनी स्तर पर किस तरह दिखता है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
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