मैक्रों के स्वागत में मोदी का दोस्ताना संदेश ,मोदी बोले– “वेलकम टू इंडिया, माय डियर फ्रेंड”
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंच चुके हैं। मंगलवार देर रात करीब आधी रात उनका विमान मुंबई पहुंचा, जहां उनका औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति मैक्रों के भारत आगमन को भारत–फ्रांस संबंधों के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है।
खास बात यह है कि वर्ष 2017 में फ्रांस की सत्ता संभालने के बाद से यह उनकी चौथी भारत यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत होते रणनीतिक और कूटनीतिक रिश्तों को दर्शाती है।

राष्ट्रपति मैक्रों के आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “भारत आपकी यात्रा का स्वागत करने के लिए उत्साहित है। मुझे विश्वास है कि हमारी चर्चा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेगी और वैश्विक प्रगति में योगदान देगी। जल्द ही मुंबई और फिर दिल्ली में मिलते हैं, मेरे प्रिय मित्र।” प्रधानमंत्री के इस संदेश को दोनों नेताओं के बीच गहरे आपसी विश्वास और मित्रता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच सोशल मीडिया पर हुआ यह संवाद केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी कूटनीतिक और रणनीतिक अहमियत भी जुड़ी हुई है। भारत और फ्रांस लंबे समय से रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, व्यापार और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में करीबी साझेदार रहे हैं। ऐसे में मैक्रों की यह यात्रा इन सभी क्षेत्रों में सहयोग को नई गति दे सकती है।
जानकारों के मुताबिक, राष्ट्रपति मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। खास तौर पर भारत–फ्रांस रक्षा साझेदारी एक बार फिर केंद्र में रहने वाली है। राफेल लड़ाकू विमानों से जुड़ी संभावित डील, संयुक्त सैन्य अभ्यास और रक्षा उत्पादन में सहयोग जैसे विषयों पर दोनों देशों के बीच विचार-विमर्श हो सकता है। इसके अलावा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत होने की उम्मीद है।

राष्ट्रपति मैक्रों का कार्यक्रम केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। उनकी यात्रा का पहला पड़ाव मुंबई रहा है, जहां वे विभिन्न औद्योगिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं। इसके बाद वे दिल्ली पहुंचेंगे, जहां प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता प्रस्तावित है। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने, निवेश बढ़ाने और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि भारत और फ्रांस की दोस्ती केवल सरकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्कों पर भी आधारित है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की व्यक्तिगत केमिस्ट्री भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई बार देखने को मिली है। दोनों नेता जलवायु परिवर्तन से निपटने, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और वैश्विक मंचों पर विकासशील देशों की आवाज़ को मजबूत करने के पक्षधर रहे हैं।
राष्ट्रपति मैक्रों की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक हालात तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में भारत और फ्रांस जैसे लोकतांत्रिक और समान विचारधारा वाले देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना दोनों के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की तीन दिवसीय भारत यात्रा से न केवल द्विपक्षीय रिश्तों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत–फ्रांस साझेदारी की भूमिका भी और सशक्त हो सकती है। पीएम मोदी के “मेरे प्रिय मित्र” संबोधन ने इस दौरे को पहले ही एक सकारात्मक और भरोसेमंद माहौल दे दिया है, जिससे आने वाले दिनों में कई अहम फैसलों और समझौतों की उम्मीद की जा रही है।
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