रोजगार का महाकुंभ: MSME से बदली यूपी की तस्वीर !

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया है कि साल 2017 के बाद एमएसएमई, स्वास्थ्य, फार्मा और महिलाओं के सशक्तिकरण में अभूतपूर्व प्रगति हुई है, रोजगार और निर्यात बढ़ा, जिससे प्रदेश आत्मनिर्भर बन रहा है.

राज्यपाल के अभिभाषण पर विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के भीतर एमएसएमई, स्वास्थ्य, फार्मा और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी। एमएसएमई सेक्टर लगभग मृतप्राय था, उद्योग-धंधे बंद हो रहे थे और युवाओं में निराशा का माहौल व्याप्त था। लेकिन डबल इंजन सरकार की नीतियों और योजनाओं ने प्रदेश की तस्वीर बदल दी है।

रोजगार का महाकुंभ: MSME से बदली यूपी की तस्वीर !
रोजगार का महाकुंभ: MSME से बदली यूपी की तस्वीर !

सीएम योगी ने कहा कि 2017 के बाद सरकार ने परंपरागत उद्योगों और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देने का संकल्प लिया। इसी सोच से ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) और ‘ODOP-सी’ जैसी योजनाएं लागू की गईं। इन योजनाओं के जरिए न केवल स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहन मिला, बल्कि प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन प्रयासों का सीधा लाभ युवाओं को रोजगार के रूप में मिला है।

MSME सेक्टर बना रोजगार का बड़ा आधार

MSME सेक्टर बना रोजगार का बड़ा आधार
MSME सेक्टर बना रोजगार का बड़ा आधार

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स सक्रिय हैं, जो 3 करोड़ से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई सेक्टर आज प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। सरकार की नीतियों, आसान ऋण व्यवस्था, सब्सिडी और तकनीकी सहयोग के कारण छोटे और मझोले उद्योगों को नया जीवन मिला है।

सीएम योगी ने बताया कि ODOP योजना के अंतर्गत प्रत्येक जनपद के विशिष्ट उत्पादों की ब्रांडिंग, डिजाइन, तकनीक और मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश का निर्यात जहां लगभग 84 हजार करोड़ रुपये था, वहीं आज यह बढ़कर करीब 1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस निर्यात में ODOP से जुड़े हस्तशिल्प और परंपरागत उत्पादों की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ODOP योजना के माध्यम से अब तक 3.16 लाख से अधिक नए रोजगार के अवसर सृजित किए जा चुके हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के 77 से अधिक उत्पादों को GI टैग मिल चुका है, जिससे वैश्विक बाजार में उनकी गुणवत्ता और विशिष्टता को पहचान मिली है। इससे स्थानीय उत्पादकों और कारीगरों की आय में वृद्धि हुई है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में स्वास्थ्य क्षेत्र में आए व्यापक बदलावों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के कई जनपदों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव था। 40 से अधिक जिलों में ICU जैसी सुविधा तक नहीं थी और स्वास्थ्य सेवाएं माफिया व अव्यवस्था के चंगुल में थीं। लेकिन अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में तेजी से काम हुआ है।

सीएम योगी ने बताया कि रायबरेली और गोरखपुर में एम्स संचालित हो रहे हैं और हर जनपद में ICU, डिजिटल एक्स-रे, ब्लड बैंक, डायलिसिस, ऑक्सीजन प्लांट और वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। टेलीमेडिसिन के माध्यम से दूर-दराज के गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीनोमिक्स, टेलीमेडिसिन और मेडटेक को बढ़ावा देकर प्रदेश में भविष्योन्मुखी हेल्थ इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी, जो 2017 से पहले हर साल 1200 से 1500 बच्चों की जान लेती थी, अब लगभग समाप्त हो चुकी है। वर्ष 2024 में इस बीमारी से शून्य मौतें दर्ज की गईं, जो सरकार की स्वास्थ्य नीतियों की बड़ी सफलता है।

फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में तेजी

मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मास्यूटिकल सेक्टर में भी उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। ललितपुर में फार्मा पार्क का निर्माण प्रगति पर है, जहां बल्क ड्रग यूनिट्स स्थापित की जा रही हैं। वहीं ग्रेटर नोएडा में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है। लखनऊ में आयोजित फार्मा कॉन्क्लेव में देश के प्रमुख निवेशकों ने प्रदेश में बदले निवेश माहौल की सराहना की है।

फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में तेजी
फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में तेजी

सीएम योगी ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि पहले निवेशक असुरक्षा के कारण प्रदेश छोड़ने को मजबूर थे, लेकिन 2017 के बाद कानून-व्यवस्था में सुधार और नीतिगत स्थिरता के चलते अब बड़े निवेशक यूपी में निवेश करने को उत्सुक हैं।

सामाजिक विकास और महिला सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास केवल शहरों और उद्योगों तक सीमित नहीं रहा है। घुमंतू जातियों और जनजातीय समुदायों—जैसे वनटांगिया, मुसहर, थारू, कोल और बुक्सा—को जमीन के पट्टे, आवास और बुनियादी सुविधाएं दी जा रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार और नेतृत्व में भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

सामाजिक विकास और महिला सशक्तिकरण
सामाजिक विकास और महिला सशक्तिकरण

अपने संबोधन के अंत में सीएम योगी ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के नए अध्याय लिखे हैं। एमएसएमई, स्वास्थ्य और फार्मा जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति से प्रदेश न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक मजबूत पहचान बना रहा है।

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