योजना के अंतर्गत 45 से ज्यादा विधानसभाओं की लगभग 400 किलोमीटर लंबी प्रमुख सड़कें सुधारी जाएंगी। यह कार्य दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग द्वारा चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों को गड्ढामुक्त, समतल और लंबे समय तक टिकाऊ बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 802 करोड़ रुपये से अधिक की एक व्यापक सड़क सुधार परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत उन्नत तकनीक का उपयोग करते हुए दिल्ली की 241 से ज्यादा प्रमुख सड़कों का पुनर्विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना में केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है और इसका उद्देश्य राजधानी को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भविष्य के लिए तैयार बनाना है।

‘वॉल-टू-वॉल कारपेटिंग’ मॉडल से होगा निर्माण
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस बार सड़क निर्माण के लिए ‘वॉल-टू-वॉल कारपेटिंग’ मॉडल अपनाया जाएगा। आमतौर पर सड़कों पर केवल बीच के हिस्से की मरम्मत या गड्ढों पर पैचवर्क कर दिया जाता है, जिससे कुछ ही समय में सड़क फिर से खराब हो जाती है। नई प्रणाली के तहत सड़क की पूरी चौड़ाई को एक समान गुणवत्ता के साथ तैयार किया जाएगा, ताकि निर्माण आधा-अधूरा न रहे। इससे सड़कों की मजबूती और आयु दोनों में इजाफा होगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पूरी चौड़ाई में समतल और सीलबंद सतह बनने से धूल और वायु प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। टूटी-फूटी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही से मिट्टी और बारीक कण हवा में उड़ते हैं, जो प्रदूषण बढ़ाने का बड़ा कारण होते हैं। नई तकनीक से तैयार सड़कें हवा में उड़ने वाले पार्टिकुलेट मैटर (PM) के स्तर को कम करने में मदद करेंगी और आसपास के इलाकों की वायु गुणवत्ता में सुधार आएगा।
45 से अधिक विधानसभाओं में 400 किलोमीटर सड़कें

योजना के तहत दिल्ली की 45 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 400 किलोमीटर लंबी प्रमुख सड़कों को दुरुस्त किया जाएगा। यह पूरा कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि ट्रैफिक पर न्यूनतम असर पड़े और आम लोगों को असुविधा न हो। सड़क सुधार का यह कार्य लोक निर्माण विभाग के माध्यम से कराया जाएगा।
परियोजना की कुल लागत 802.18 करोड़ रुपये तय की गई है। इसमें से 643.36 करोड़ रुपये केंद्र सरकार के सेंट्रल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (CRIF) से प्राप्त होंगे, जबकि 158.82 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार अपने संसाधनों से उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से दिल्ली के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिल रही है।
तकनीकी मानकों पर रहेगा खास जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल अस्थायी मरम्मत नहीं, बल्कि स्थायी समाधान देना है। सड़क की बेस लेयर की जांच, जरूरत पड़ने पर सुदृढ़ीकरण, बेहतर जल निकासी व्यवस्था और अंतिम कारपेटिंग—इन सभी चरणों को तय तकनीकी मानकों के अनुसार पूरा किया जाएगा। इससे बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या कम होगी और सड़कें लंबे समय तक सुरक्षित और उपयोगी बनी रहेंगी।
उन्होंने बताया कि पिछले साल भी दिल्ली सरकार ने इसी तकनीक से करीब 150 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब उसी अनुभव के आधार पर इस बड़े पैमाने पर सड़क पुनर्विकास अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इन प्रमुख सड़कों का होगा पुनर्विकास
इस योजना के तहत मालवीय नगर की अगस्त क्रांति मार्ग, आउटर रिंग रोड, राव तुला राम मार्ग, कापसहेड़ा-बिजवासन रोड, नजफगढ़-झाड़ौदा रोड, कालकाजी का कैप्टन गौड़ मार्ग, ग्रेटर कैलाश का लाला लाजपत राय मार्ग, रोहिणी का डॉ. के. एन. काटजू मार्ग, चांदनी चौक का शामनाथ मार्ग, करोल बाग का डीबी गुप्ता रोड, शाहदरा का ईएसआई अस्पताल रोड, सीमापुरी का तांगा स्टैंड रोड, प्रीत विहार रोड, पटपड़गंज रोड, खिचड़ीपुर रोड, खुदीराम बोस रोड, खजूरी फ्लाईओवर, गोकलपुरी फ्लाईओवर, जीरो पुस्ता रोड, सीलमपुर रोड और लोनी रोड समेत कुल 241 से अधिक प्रमुख सड़कें शामिल हैं।
विकास की रीढ़ हैं मजबूत सड़कें
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत और बेहतर सड़कें किसी भी शहर की विकास यात्रा की रीढ़ होती हैं। अच्छी सड़कें होंगी तो यातायात सुगम होगा, दुर्घटनाएं कम होंगी और लोगों का समय बचेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी को एक आधुनिक, सुरक्षित और व्यवस्थित शहर बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। सरकार का मानना है कि इस व्यापक सड़क पुनर्विकास अभियान से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि दिल्ली की समग्र छवि और शहरी ढांचा भी और मजबूत होगा।
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