शिवसेना उद्धव बाला साहेब ठाकरे के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इंडिया गठबंधन पर बड़ा दावा किया है.
भारतीय राष्ट्रीय विकासशील समावेशी गठबंधन यानी INDIA को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बार चर्चा की वजह बने हैं शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लेते हुए INDIA गठबंधन की कार्यशैली और सक्रियता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। राउत के इस बयान के बाद अब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आ गई है।

INDIA गठबंधन पर संजय राउत का बड़ा बयान
संजय राउत ने कहा कि INDIA ब्लॉक की सक्रियता सिर्फ लोकसभा चुनाव के आसपास ही देखने को मिलती है। उनके मुताबिक, चुनावों से पहले तक गठबंधन के भीतर न तो कोई ठोस बातचीत होती है और न ही जमीनी स्तर पर कोई हलचल दिखाई देती है। राउत ने कहा, “INDIA ब्लॉक का काम तभी शुरू होता है, जब लोकसभा चुनाव नजदीक आते हैं। उससे पहले महीनों तक यह पता ही नहीं चलता कि गठबंधन के नेता क्या कर रहे हैं।”
उन्होंने देश की मौजूदा स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि देश गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। अमेरिका के साथ हुई डील का हवाला देते हुए राउत ने दावा किया कि इसका असर किसानों पर पड़ेगा और हालात और भी बदतर हो सकते हैं। उनके अनुसार, केवल संसद के भीतर आवाज उठाने से काम नहीं चलेगा, क्योंकि कई बार विपक्ष को वहां भी बोलने का पूरा मौका नहीं मिलता।
राहुल गांधी का जिक्र कर उठाए सवाल

राउत ने सीधे तौर पर राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें संसद में बोलने तक नहीं दिया जाता। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर संसद में विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है, तो क्या INDIA गठबंधन को संसद के बाहर कोई ठोस रणनीति नहीं बनानी चाहिए? उन्होंने पूछा, “क्या हम संसद के बाहर कुछ कर सकते हैं? क्या जनता के बीच जाकर आंदोलन, संवाद और दबाव की राजनीति नहीं होनी चाहिए?”
INDIA ब्लॉक को लेकर चिंता
संजय राउत ने कहा कि देश में मणिपुर जैसे गंभीर मुद्दे हैं, कानून-व्यवस्था की स्थिति सवालों के घेरे में है, लेकिन INDIA गठबंधन इन मुद्दों पर लगातार और संगठित तरीके से सक्रिय नजर नहीं आता। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन के नेताओं के बीच महीनों और कभी-कभी सालों तक संवाद नहीं होता।
उन्होंने साफ किया कि चाहे वह उद्धव ठाकरे हों या INDIA ब्लॉक के अन्य नेता, सभी चाहते हैं कि यह गठबंधन सिर्फ चुनावी मंच तक सीमित न रहे, बल्कि उससे पहले भी लगातार एक्टिव रहे।
नेतृत्व को लेकर भी उठी बहस
राउत ने यह भी बताया कि INDIA गठबंधन के नेतृत्व को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। किसी ने सुझाव दिया है कि ममता बनर्जी को गठबंधन का नेतृत्व करना चाहिए, तो किसी का मानना है कि एम के स्टालिन इसके लिए उपयुक्त होंगे। हालांकि, राउत ने स्पष्ट किया कि ये व्यक्तिगत राय हैं और इन पर औपचारिक रूप से कभी चर्चा नहीं हुई। उन्होंने जोर देकर कहा कि INDIA ब्लॉक की एक बैठक जल्द होनी चाहिए, ताकि आपसी संवाद बढ़े और रणनीति स्पष्ट हो।
राउत के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया
संजय राउत के बयान पर कांग्रेस की ओर से नेता पवन खेड़ा ने प्रतिक्रिया दी। पवन खेड़ा ने कहा कि संजय राउत एक वरिष्ठ नेता हैं और अगर उन्होंने INDIA गठबंधन को लेकर कुछ कहा है, तो सभी सहयोगी दल इसे गंभीरता से सुनेंगे। उन्होंने कहा, “अगर किसी सीनियर लीडर ने सुझाव दिया है, तो INDIA के सभी अलायंस पार्टनर इस पर विचार करेंगे और देखेंगे कि आगे क्या किया जा सकता है।”
सियासी मायने
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, संजय राउत का यह बयान INDIA गठबंधन के भीतर चल रही असहजता और समन्वय की कमी की ओर इशारा करता है। हालांकि कांग्रेस की प्रतिक्रिया संतुलित और संभली हुई है, लेकिन यह साफ है कि विपक्षी गठबंधन को लेकर रणनीति, नेतृत्व और सक्रियता पर बहस तेज हो चुकी है।
आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या INDIA ब्लॉक राउत की आलोचना को आत्ममंथन के तौर पर लेता है या यह बयान सिर्फ सियासी बयानबाजी तक ही सीमित रह जाता है।