UP Minister Jaiveer Singh ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चे पैदा करने वाले बयान का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि कुछ भटके हुए हिन्दू-मुसलमान है.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक Mohan Bhagwat के हालिया बयान—जिसमें उन्होंने हिंदुओं से अधिक बच्चे पैदा करने और घर वापसी की प्रक्रिया तेज करने की बात कही—के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इस मुद्दे पर अब उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री Jaiveer Singh का खुला समर्थन सामने आया है। मंत्री ने भागवत के बयान को “एकदम सही” बताते हुए कहा कि समाज में कुछ भटके हुए लोग हैं, जिनकी घर वापसी कराई जानी चाहिए।

जयवीर सिंह ने कहा कि संघ प्रमुख ने हिंदू समाज के संदर्भ में जो चिंता जताई है, वह वास्तविकता से जुड़ी है। उनके अनुसार, “हमारे समाज के कुछ भटके हुए हिंदू मुसलमान बन गए हैं, जिनकी घर वापसी कराई जानी चाहिए। मोहन भागवत का बयान एकदम सही है।” मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर और तेज हो गया है। विपक्षी दल जहां इसे विभाजनकारी करार दे रहे हैं, वहीं सत्तापक्ष के नेता इसे सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना से जुड़ा विषय बता रहे हैं।
धार्मिक स्थलों के विकास पर सरकार का फोकस
जयवीर सिंह मंगलवार को बस्ती जिले के कुदरहा विकासखंड स्थित गोनर ग्राम पहुंचे थे। यहां उन्होंने पंचायत क्षेत्र में स्थित गढ़वा समय माता मंदिर परिसर में नवनिर्मित यात्री विश्रामालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग की ओर से आगामी वित्तीय वर्ष में इस धार्मिक स्थल का समुचित विकास कराया जाएगा। सड़क, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके। मंत्री ने कहा कि इस स्थल का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व काफी अधिक है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-पाठ के लिए आते हैं। सरकार का प्रयास है कि ऐसे स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर उभारा जाए, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिले।
आरएसएस प्रमुख के बयान की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान हिंदुओं की घटती आबादी पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि हिंदू समाज को किसी से खतरा नहीं है, लेकिन सावधान रहना जरूरी है। धर्मांतरण के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने घर वापसी की प्रक्रिया को तेज करने और हिंदू धर्म में लौटने वालों की देखभाल पर विशेष जोर देने की बात कही थी।

भागवत ने यह भी कहा था कि हिंदू समाज को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने चाहिए, ताकि जनसांख्यिकीय संतुलन बना रहे। उनके अनुसार, पहले समाज में भेदभाव नहीं था, लेकिन समय के साथ यह एक आदत बन गई है, जिसे ठीक करना जरूरी है। इस बयान के बाद देशभर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस छिड़ गई है।
सियासत गरम, प्रतिक्रियाएं तेज
जयवीर सिंह के समर्थन के बाद यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में और गरमा गया है। समर्थकों का कहना है कि यह बयान सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक संतुलन की चिंता से जुड़ा है, जबकि आलोचकों का आरोप है कि इस तरह की टिप्पणियां समाज में विभाजन पैदा कर सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस बयान पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है, खासकर तब जब प्रदेश में चुनावी माहौल धीरे-धीरे बनने लगेगा। फिलहाल, योगी सरकार के मंत्री का समर्थन यह संकेत देता है कि सत्तापक्ष इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखने से पीछे नहीं हट रहा है।