सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश ने ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने के लिए आईआईटी कानपुर के साथ समझौता ज्ञापन कर रोबोटिक्स मिशन की शुरुआत के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन अपनी सरकार के नौ वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) की पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में घोषणाएं तो बड़ी-बड़ी होती थीं, लेकिन उनका कोई ठोस परिणाम जमीन पर दिखाई नहीं देता था। इसके विपरीत उनकी सरकार ने न केवल योजनाओं की घोषणा की, बल्कि उन्हें प्रभावी ढंग से लागू भी किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उनकी सरकार ने प्रदेश के प्रति बनी नकारात्मक धारणा को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश के नागरिक देश और विदेश में गर्व के साथ यह कह सकते हैं कि वे देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य से आते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह बदलाव कानून-व्यवस्था में सुधार, बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश के अनुकूल माहौल के कारण संभव हुआ है।
सपा सरकार पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पेंशन योजना केवल पार्टी के कैडर तक सीमित थी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “समाजवादी पेंशन केवल समाजवादी कैडर को मिलती थी, लेकिन हमारी सरकार किसी के साथ भेदभाव नहीं करती। हम सभी नागरिकों को समान रूप से देखते हैं और योजनाओं का लाभ पात्रता के आधार पर दिया जाता है।” उन्होंने इसे अपनी सरकार की पारदर्शी और समावेशी नीति का उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री ने तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश ने ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना के लिए आईआईटी कानपुर के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। इसके तहत रोबोटिक्स मिशन की शुरुआत के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रदेश के युवाओं को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के क्षेत्र में एक बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 25 लाख युवाओं को मुफ्त में एआई वर्जन उपलब्ध कराने के लिए कार्य करेगी। इसके साथ ही युवाओं को रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, एआई, डेटा साइंस और मशीन लर्निंग में दक्ष बनाने के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से प्रदेश के युवा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनेंगे।
शहरीकरण और क्षेत्रीय विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार 50 प्रतिशत से अधिक शहरीकरण के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लखनऊ और उसके आसपास के जिलों को ‘स्टेट कैपिटल रीजन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसे सिटी इकोनॉमिक जोन का स्वरूप दिया जाएगा। इसके अलावा दूसरा आर्थिक क्षेत्र काशी से लेकर विंध्याचल तक विकसित किया जाएगा, जिसमें चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, भदोही, सोनभद्र और मिर्जापुर को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन क्षेत्रों के विकास से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कृषि के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र को भी समान महत्व दे रही है। उन्होंने बताया कि पशुधन, मत्स्य पालन, पर्यावरण संरक्षण और सहकारिता के क्षेत्र में बजट में व्यापक प्रावधान किए गए हैं। निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए बजट में 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही पशुओं की नस्ल सुधार की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे दुग्ध उत्पादन और पशुधन की गुणवत्ता में वृद्धि हो सके।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य समग्र विकास है, जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को समान रूप से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की नीतियों और योजनाओं से उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
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