बसपा सुप्रीमो मायावती ने एआई समिट में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन की निंदा की और कहा कि ये घटना बेहद अशोभनीय है. अगर ये सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय स्तर का नहीं होता तो अलग बात थी.
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इंपेक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती ने तीखी और स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस प्रदर्शन को न केवल अशोभनीय बताया, बल्कि इसे देश की गरिमा और अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए नुकसानदायक करार दिया। मायावती की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इंपेक्ट समिट’ एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम था, जिसमें देश-विदेश से कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुई थीं और यह इवेंट वैश्विक स्तर पर सुर्खियों में था।
ऐसे महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित सम्मेलन के दौरान कुछ लोगों द्वारा अर्धनग्न होकर अपना रोष प्रकट करना अत्यंत अशोभनीय और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यदि यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर का न होता, तो बात अलग हो सकती थी, लेकिन ऐसे मौके पर इस तरह का आचरण चिंता का विषय है। मायावती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की गरिमा और छवि को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।
बसपा प्रमुख ने यह भी संकेत दिया कि विरोध और असहमति लोकतंत्र का हिस्सा हो सकती है, लेकिन उसके लिए मंच, तरीका और समय भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान इस तरह का प्रदर्शन न केवल आयोजकों के लिए असहज स्थिति पैदा करता है, बल्कि पूरी दुनिया के सामने देश की छवि पर भी सवाल खड़े करता है।
गौरतलब है कि शुक्रवार, 20 फरवरी को दिल्ली में आयोजित एआई समिट 2026 के दौरान यूथ कांग्रेस के 8 से 10 कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम परिसर में घुसकर विरोध प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन भारत और अमेरिका के बीच हुई कथित ट्रेड डील के विरोध में किया गया था। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने अपने टी-शर्ट उतार दिए और परिसर के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान ‘पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ जैसे नारे भी लगाए गए।
इस अचानक हुए घटनाक्रम से समिट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अंतरराष्ट्रीय मेहमानों और प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बीच इस तरह के प्रदर्शन से सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गईं। मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें कार्यक्रम स्थल से बाहर ले जाया गया। इसके बाद कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह देश विरोधी मानसिकता के साथ काम कर रही है। उनका कहना है कि जब पूरी दुनिया एआई समिट और भारत की तकनीकी प्रगति की तारीफ कर रही है, तब कांग्रेस इस तरह के प्रदर्शन कर देश की छवि को नुकसान पहुंचा रही है।
बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी लगातार ऐसे कदम उठा रही है, जो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को शर्मिंदा करने वाले हैं। इस मुद्दे को लेकर बीजेपी ने देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया है और कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की है।
वहीं कांग्रेस की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान नहीं आया है, हालांकि पार्टी से जुड़े कुछ नेताओं ने इसे शांतिपूर्ण विरोध का हिस्सा बताया है। इसके बावजूद, मायावती की प्रतिक्रिया ने इस बहस को और तेज कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर हुए इस प्रदर्शन ने न केवल सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव को बढ़ाया है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा किया है कि विरोध की सीमाएं आखिर कहां तक होनी चाहिए।
कुल मिलाकर, एआई इंपेक्ट समिट के दौरान हुआ यह प्रदर्शन अब केवल एक सुरक्षा या अनुशासन का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, जिस पर आने वाले दिनों में सियासत और गरमाने के आसार हैं।
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