अखिलेश बनाम सियासी समीकरण: चिराग की चाल से बदला खेल !

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी भदोही में एक्टिव हो गई है. पार्टी ने बीते कुछ समय में यहां अपनी पार्टी का संगठन भी मजबूत किया है, जिससे सपा की मुश्किल बढ़ सकती है.

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है। चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर भदोही जिले में राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग की है। इस मांग के सामने आते ही न सिर्फ भदोही बल्कि पूरे पूर्वांचल की सियासत में हलचल देखने को मिल रही है।

अखिलेश बनाम सियासी समीकरण: चिराग की चाल से बदला खेल !
अखिलेश बनाम सियासी समीकरण: चिराग की चाल से बदला खेल !

चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) हाल के महीनों में उत्तर प्रदेश में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत करती दिख रही है। खासतौर पर भदोही जिले में पार्टी की गतिविधियां बढ़ी हैं और बड़ी संख्या में लोग लोजपा (रामविलास) से जुड़ते नजर आ रहे हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिखना, इस क्षेत्र में पार्टी की सक्रिय राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

अपने पत्र में चिराग पासवान ने उल्लेख किया कि हाल ही में पार्टी के उत्तर प्रदेश महासचिव और भदोही जनपद प्रभारी कमल तिवारी ने उन्हें जिले की प्रमुख समस्याओं से जुड़ा एक ज्ञापन सौंपा था। इस ज्ञापन में भदोही में राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना को सबसे अहम मांग के रूप में रखा गया था। चिराग ने कहा कि यह मांग केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि जनहित से जुड़ी एक बुनियादी जरूरत है।

भदोही जिले की स्थिति का जिक्र करते हुए चिराग पासवान ने लिखा कि यह जिला विश्वप्रसिद्ध कालीन उद्योग के कारण अंतरराष्ट्रीय पहचान रखता है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में आज भी पिछड़ा हुआ है। जिले में दशकों से किसी उच्च स्तरीय अस्पताल या मेडिकल कॉलेज का अभाव है। गंभीर दुर्घटना या आपात स्थिति में मरीजों को वाराणसी या प्रयागराज रेफर करना पड़ता है, जिससे इलाज में देरी होती है। कई बार समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलने के कारण मरीज रास्ते में या अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि भदोही में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इससे जिले का स्वास्थ्य ढांचा मजबूत होगा और पूरे क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक विकास को गति मिलेगी। खासकर गरीब और बेसहारा लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा, जिन्हें अभी बेहतर इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों का सहारा लेना पड़ता है।

चिराग पासवान की इस पहल को राजनीतिक नजरिए से भी काफी अहम माना जा रहा है। भदोही और आसपास के क्षेत्रों में उनकी पार्टी की बढ़ती सक्रियता से आने वाले चुनावों में समाजवादी पार्टी और निषाद पार्टी की चुनौतियां बढ़ सकती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिराग पासवान विकास से जुड़े मुद्दों को उठाकर सीधे जनता से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे सपा के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लग सकती है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लोजपा (रामविलास) भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन का हिस्सा है। ऐसे में चिराग पासवान द्वारा योगी आदित्यनाथ को लिखा गया यह पत्र गठबंधन के भीतर समन्वय और दबाव की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। इससे भाजपा सरकार पर भदोही जैसे अपेक्षाकृत उपेक्षित जिले के विकास को लेकर ठोस फैसला लेने का दबाव बढ़ सकता है।

बताया गया है कि चिराग पासवान ने 18 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को यह पत्र लिखते हुए आग्रह किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए भदोही जनपद में शीघ्र राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाए। उनका कहना है कि इससे जिले की लाखों की आबादी को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी और क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

कुल मिलाकर, चिराग पासवान की यह रणनीति केवल एक विकासात्मक मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की बदलती सियासत में उनकी बढ़ती भूमिका और समाजवादी पार्टी के लिए बढ़ती चुनौतियों का संकेत भी मानी जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि योगी सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और इसका राजनीतिक असर भदोही व आसपास के क्षेत्रों में किस दिशा में जाता है।

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