पॉश इलाके में तांडव, मुजफ्फरनगर दहशत में !

कोतवाली नई मंडी क्षेत्र स्थित गांधी कॉलोनी में रविवार शाम दो गुटों के बीच अचानक विवाद हो गया. देखते ही देखते कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया.

उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के बीच पहले एक भारतीय जनता पार्टी के नेता पर हमले की खबर सामने आई थी और अब शहर की पॉश कॉलोनी मानी जाने वाली गांधी कॉलोनी में खुलेआम फायरिंग की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस वारदात के बाद कॉलोनी में हड़कंप मच गया और लोग दहशत के साए में आ गए।

पॉश इलाके में तांडव, मुजफ्फरनगर दहशत में !
पॉश इलाके में तांडव, मुजफ्फरनगर दहशत में !

घटना रविवार शाम की बताई जा रही है, जब कोतवाली नई मंडी क्षेत्र स्थित गांधी कॉलोनी में अचानक दो गुटों के बीच विवाद हो गया। शुरुआत में मामूली कहासुनी के रूप में शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते उग्र हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पहले गाली-गलौज हुई और फिर पथराव शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि इस झगड़े में एक दर्जन से अधिक युवक शामिल थे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि झगड़े के दौरान एक गुट के युवक दूसरे पक्ष के लड़कों के पीछे दौड़ पड़े। इसी बीच एक युवक ने कथित तौर पर तमंचे से फायरिंग कर दी। गोली गली नंबर 12 में स्थित राजेंद्र कुमार के मकान के बाहर लगे बिजली मीटर में जाकर लगी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। गनीमत रही कि इस फायरिंग में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ, लेकिन अगर गोली किसी राहगीर या घर के अंदर मौजूद व्यक्ति को लग जाती तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। मौके से पुलिस ने एक खोखा (कारतूस) भी बरामद किया है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कोतवाली नई मंडी पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि पूरी घटना कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस फायरिंग करने वाले आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।

दिनदहाड़े शहर की पॉश कॉलोनी में इस तरह की घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और भय दोनों देखने को मिल रहे हैं। कॉलोनीवासियों का कहना है कि गांधी कॉलोनी को शहर के सुरक्षित और प्रतिष्ठित इलाकों में गिना जाता है, लेकिन इसके बावजूद यहां खुलेआम फायरिंग होना बेहद चिंताजनक है। लोगों ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से इलाके में पुलिस की मौजूदगी लगभग नगण्य हो गई है, जिसका फायदा असामाजिक तत्व उठा रहे हैं।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि कॉलोनी में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जाए और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो अपराधियों के हौसले और बुलंद हो सकते हैं।

वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस का दावा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

फिलहाल, इस घटना ने एक बार फिर मुजफ्फरनगर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन और पुलिस जल्द ठोस कदम उठाएंगे, ताकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और शहर में कानून का राज कायम रह सके।

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