नमाज़ को लेकर विवाद, ‘जय श्री राम’ से गूंजा LU !

लखनऊ यूनिवर्सिटी परिसर में नमाज पढ़े जाने को लेकर विवाद हो गया है. छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर में नमाज पढ़ने और इफ्तारी किए जाने पर सवाल उठाए और विरोध प्रदर्शन किया.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित लखनऊ विश्वविद्यालय में नमाज़ पढ़े जाने और इफ्तारी किए जाने को लेकर सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के दो गुट आमने-सामने आ गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाज़ी की और परिसर को धार्मिक गतिविधियों से दूर रखने की मांग की। हालात को देखते हुए विश्वविद्यालय में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

नमाज़ को लेकर विवाद, ‘जय श्री राम’ से गूंजा LU !
नमाज़ को लेकर विवाद, ‘जय श्री राम’ से गूंजा LU !

सोमवार दोपहर करीब 12 बजे बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय परिसर स्थित लाल बारादरी के बाहर एकत्र हुए। इन छात्रों ने आरोप लगाया कि कैंपस में नमाज़ पढ़ना और इफ्तारी करना विश्वविद्यालय की शैक्षणिक मर्यादा के खिलाफ है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय को केवल शिक्षा तक ही सीमित रखा जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इस दौरान छात्रों ने “जय श्रीराम” के नारे लगाए और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप था कि लाल बारादरी परिसर में कोई मस्जिद नहीं है, इसके बावजूद वहां नमाज़ अदा की गई। छात्रों ने कहा कि इससे विश्वविद्यालय का माहौल खराब हो रहा है और भविष्य में ऐसे मामलों से तनाव और बढ़ सकता है। उन्होंने मांग की कि जो भी छात्र या संगठन विश्वविद्यालय परिसर को धार्मिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।

वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद

इस पूरे विवाद की जड़ एक वीडियो है, जो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में देखा गया था कि लाल बारादरी परिसर में मुस्लिम छात्र नमाज़ अदा कर रहे हैं और कुछ हिंदू छात्र उनके चारों ओर ह्यूमन चेन बनाकर खड़े हैं, ताकि उन्हें कोई बाधा न हो। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा था।

हालांकि, सोमवार को छात्रों के एक दूसरे गुट ने इसी घटना का विरोध करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि चाहे सौहार्द का संदेश क्यों न हो, लेकिन विश्वविद्यालय परिसर में धार्मिक गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। इसी बात को लेकर दोनों गुटों के बीच तीखी नोकझोंक और नारेबाज़ी देखने को मिली।

रेनोवेशन के बावजूद पहुंचे थे नमाज़ी

बताया जा रहा है कि लाल बारादरी में इस समय रेनोवेशन का काम चल रहा है। परिसर में इस संबंध में एक सूचना बोर्ड भी लगाया गया था। इसके बावजूद कुछ मुस्लिम छात्र वहां नमाज़ अदा करने पहुंचे। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाल बारादरी के बाहर ताला लगवा दिया और बैरिकेडिंग कर दी।

इसके बाद छात्र बैरिकेडिंग के बाहर ही बैठकर नमाज़ पढ़ने लगे। जब कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया, तो माहौल और गरमा गया। इसी दौरान हिंदू छात्रों का एक समूह आगे आया और बैरिकेडिंग हटाकर ह्यूमन चेन बनाते हुए मुस्लिम छात्रों को नमाज़ पढ़ने में सहयोग किया। नमाज़ के बाद वहीं रोज़ा इफ्तारी भी की गई, जिसमें हिंदू छात्रों ने भी हिस्सा लिया।

दूसरे गुट के प्रदर्शन से बढ़ा तनाव

इस घटना के बाद सोमवार को छात्रों का दूसरा गुट लाल बारादरी पहुंचा और इसका विरोध करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन को पहले ही सख्त रुख अपनाना चाहिए था। प्रदर्शन के चलते स्थिति बिगड़ती देख विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस तैनात, प्रशासन की अपील

स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए विश्वविद्यालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। फिलहाल लाल बारादरी परिसर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

ऐतिहासिक धरोहर है लाल बारादरी

गौरतलब है कि लाल बारादरी लगभग 1800 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत है, जिसे अवध के नवाब नसीरुद्दीन हैदर द्वारा बनवाया गया था। यह इमारत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित है और विश्वविद्यालय बनने से पहले ही इसका निर्माण कराया गया था। लाल लखोरी ईंटों से बनी यह इमारत ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन मंथन में जुटा है। आने वाले दिनों में इस पर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

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