जापान दौरे के बीच CM पर अखिलेश का व्यंग्य ,कपड़े और कान छिदाने से…. !

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के ऊपर लगे आरोपों पर अखिलेश यादव ने कहा कि अगर ये रामभद्राचार्य जी का चेला है तो मुझसे गलती हुई, हमने कभी रामभद्राचार्य जी पर 420वीं का मुकदमा वापस लिया था.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश यादव के बयान न केवल धार्मिक प्रतीकों और आचरण को लेकर थे, बल्कि उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द, स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकार की नीतियों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।

जापान दौरे के बीच CM पर अखिलेश का व्यंग्य ,कपड़े और कान छिदाने से.... !
जापान दौरे के बीच CM पर अखिलेश का व्यंग्य ,कपड़े और कान छिदाने से…. !

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि “हम लोग मुख्यमंत्री के वस्त्र देखकर धोखा खा रहे हैं।” उन्होंने भगवद गीता और गुरु नानक देव जी के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि गीता में लिखा है कि माया में रहकर भी माया से दूर रहना चाहिए और जो दूसरे के दुख को अपना दुख समझे, वही सच्चा योगी होता है। वहीं गुरु नानक देव जी ने भी कहा था कि केवल वस्त्र पहन लेने या कान छिदवा लेने से कोई योगी नहीं बन जाता। अखिलेश के इस बयान को सीधे तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि और कार्यशैली पर तंज माना जा रहा है।

शंकराचार्य प्रकरण पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने शंकराचार्य के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि “शंकराचार्य के साथ कैसा व्यवहार हो रहा है?” साथ ही उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पर निशाना साधते हुए कहा कि जब शिखा पकड़कर अपमान किया जा रहा था, उस समय ये लोग कहां थे। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि उसी समय संगम किनारे जाना चाहिए था, जबकि शंकराचार्य सर्दी में धरने पर बैठे रहे।

शंकराचार्य प्रकरण पर सरकार को घेरा
शंकराचार्य प्रकरण पर सरकार को घेरा

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोपों को लेकर भी अखिलेश यादव ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अगर वे रामभद्राचार्य जी के शिष्य हैं, तो उनसे गलती हो गई। अखिलेश ने यह भी कहा कि समाजवादी सरकार के समय रामभद्राचार्य जी पर दर्ज 420 का मुकदमा वापस लिया गया था, लेकिन आज की सरकार इस तरह के “घटिया आरोप” लगवाकर अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाना चाहती है।

“ये सरकार बचने वाली नहीं”

अखिलेश यादव ने दावा किया कि मौजूदा सरकार अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है। उन्होंने कहा कि जनता ने इस सरकार को अस्वीकार कर दिया है और अब वोटिंग का इंतजार कर रही है। उन्होंने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा, “जितनी पीड़ी बढ़ेंगी, उतना पीडीए बढ़ेगा।” उनका इशारा था कि सामाजिक न्याय की राजनीति आने वाले समय में और मजबूत होगी।

जापान दौरे पर तंज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे पर भी अखिलेश यादव ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि “जापान जा रहे हैं, क्योटो नहीं जा रहे हैं।” साथ ही तंज कसते हुए बोले कि कम से कम वहां जाकर उन्हें अफसोस तो होगा कि 10 साल में क्या काम करना था और क्या काम नहीं कर पाए। अखिलेश का कहना था कि विदेश दौरों से ज्यादा जरूरी प्रदेश की समस्याओं पर ध्यान देना है।

बदायूं, गोरखपुर और स्वास्थ्य व्यवस्था

बदायूं मामले पर अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी के लोग जानबूझकर सोशल मीडिया पर ऐसी चीजें डालते हैं, जिससे नफरत फैले और समाज में तनाव पैदा हो। वहीं गोरखपुर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां इलाज नहीं, बल्कि “गोरखधंधा” चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मामले में 19 लोगों की आंखें चली गईं, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को दिखाता है।

गोवंश और गोशालाओं पर बयान

गोमाता के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की गोशालाओं में लगातार सेवा की जा रही है। उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि “बीजेपी वाले पहली रोटी गाय को नहीं खिलाते, पहले खुद खाते हैं। पेट भरने के बाद कुछ बचता है तो गाय को दे देते हैं, वो भी पॉलीथीन में।” अखिलेश ने इसे दिखावटी राजनीति करार दिया।

कुल मिलाकर, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों को जोड़ते हुए योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उनके बयान यह संकेत देते हैं कि आने वाले चुनावी दौर में सियासी तापमान और ज्यादा बढ़ने वाला है।

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