अलंकार अग्निहोत्री की सियासी एंट्री ,भगवान राम-कृष्ण से जुड़ा होगा पार्टी का नाम !

पूर्व सिटी में मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री आज वृंदावन में अपनी नई सियासी पार्टी के नाम की घोषणा करेंगे. पार्टी का नाम भगवान राम और भगवान कृष्ण के नाम मिलाकर होगा.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद और यूजीसी की नई गाइडलाइंस के विरोध में बरेली में एसडीएम पद से इस्तीफा देने के बाद सुर्खियों में आए पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री आज औपचारिक रूप से अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान करने जा रहे हैं। यह घोषणा उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वृंदावन से की जाएगी। अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी का नाम भगवान राम और भगवान कृष्ण के नामों के संगम से तय किया गया है, जो भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक होगा।

अलंकार अग्निहोत्री की सियासी एंट्री ,भगवान राम-कृष्ण से जुड़ा होगा पार्टी का नाम !
अलंकार अग्निहोत्री की सियासी एंट्री ,भगवान राम-कृष्ण से जुड़ा होगा पार्टी का नाम !

रविवार को मीडिया से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने नई पार्टी बनाने की मंशा जाहिर की थी। उन्होंने बताया कि यह फैसला किसी तात्कालिक प्रतिक्रिया का नतीजा नहीं है, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे वैचारिक मंथन और सामाजिक परिस्थितियों के विश्लेषण के बाद लिया गया है। उनके अनुसार, मौजूदा राजनीतिक हालात में भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए एक वैकल्पिक मंच की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

अलंकार अग्निहोत्री की सियासी एंट्री ,भगवान राम-कृष्ण से जुड़ा होगा पार्टी का नाम !
अलंकार अग्निहोत्री की सियासी एंट्री ,भगवान राम-कृष्ण से जुड़ा होगा पार्टी का नाम !

बांके बिहारी के दर्शन के बाद होगा ऐलान

अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि सोमवार को वह सबसे पहले बांके बिहारी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वृंदावन की पावन भूमि से अपनी नई पार्टी के नाम की औपचारिक घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के नाम और उसके उद्देश्य दोनों में भारतीय सांस्कृतिक चेतना और सनातन मूल्यों की स्पष्ट झलक होगी।

पार्टी का उद्देश्य और विचारधारा

पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट के मुताबिक प्रस्तावित राजनीतिक दल का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति की रक्षा, धार्मिक आस्थाओं का सम्मान और समाज में आपसी समरसता को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि आज के दौर में राजनीति अक्सर समाज को बांटने का माध्यम बनती जा रही है, जबकि उनकी पार्टी समाज को जोड़ने और साझा सांस्कृतिक मूल्यों को केंद्र में रखने का प्रयास करेगी।

शंकराचार्य पर एफआईआर का विरोध

इस दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य को फंसाने की साजिश की जा रही है और उन पर लगाए गए यौन शोषण के आरोप केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज की छवि को धूमिल करने का प्रयास हैं। अग्निहोत्री ने यह भी दावा किया कि जिन लोगों ने शंकराचार्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, उन पर खुद कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

इस्तीफे से शुरू हुई नई सियासी राह

इस्तीफे से शुरू हुई नई सियासी राह
इस्तीफे से शुरू हुई नई सियासी राह

गौरतलब है कि अलंकार अग्निहोत्री ने हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नई गाइडलाइंस और प्रयागराज मेले के दौरान शंकराचार्य से जुड़े विवाद के बाद बरेली में एसडीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस फैसले ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी। इस्तीफे के बाद से ही वह लगातार मीडिया की सुर्खियों में हैं और उनके अगले कदम को लेकर अटकलें तेज थीं।

प्रशासन से राजनीति तक

एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के रूप में पहचान बना चुके अलंकार अग्निहोत्री का राजनीति में प्रवेश कई मायनों में अहम माना जा रहा है। उनके समर्थकों का कहना है कि वह एक वैचारिक राजनीति की शुरुआत करने जा रहे हैं, जो केवल सत्ता की राजनीति तक सीमित नहीं होगी। वहीं, आलोचकों का मानना है कि धार्मिक प्रतीकों के साथ राजनीति में उतरना चुनौतियों से भरा कदम हो सकता है।

फिलहाल सभी की नजरें आज वृंदावन में होने वाले उस ऐलान पर टिकी हैं, जहां अलंकार अग्निहोत्री अपनी नई पार्टी के नाम और भावी दिशा का खुलासा करेंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी यह नई राजनीतिक पहल प्रदेश और देश की राजनीति में कितना असर डाल पाती है।

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