लखनऊ ड्रम मर्डर केस: अक्षत का चौंकाने वाला बयान !

 आशियाना की पुलिस पिता की हत्या के आरोपी अक्षत को लोकबंधु अस्पताल लेकर पहुंची थी. यहां मीडिया से बातचीत में अक्षत ने कहा कि उससे गलती हो गई.

राजधानी लखनऊ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह का बयान सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और झकझोर कर रख दिया है। आरोपी अक्षत ने मीडिया के सामने कहा कि उससे “बहुत बड़ी गलती हो गई।” उसने अपने पिता की हत्या की बात स्वीकार करते हुए इसे अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल बताया।

यह बयान उस वक्त सामने आया, जब आशियाना पुलिस आरोपी को पूछताछ और सीन रिक्रिएशन के बाद मेडिकल जांच के लिए लोकबंधु अस्पताल लेकर पहुंची थी।

लखनऊ ड्रम मर्डर केस: अक्षत का चौंकाने वाला बयान !
लखनऊ ड्रम मर्डर केस: अक्षत का चौंकाने वाला बयान !

मीडिया के सवालों पर अक्षत के जवाब

लोकबंधु अस्पताल परिसर में मौजूद मीडिया कर्मियों ने जब अक्षत से सवाल किया कि क्या वह अपना पक्ष रखना चाहता है, तो उसने संक्षेप में कहा, “गलती से हो गया था।” जब उससे पूछा गया कि क्या पढ़ाई या परीक्षा को लेकर उस पर किसी तरह का दबाव था, तो उसने सिर हिलाकर हां में जवाब दिया। वहीं, जब मीडिया ने यह जानने की कोशिश की कि क्या इस वारदात में उसकी बहन भी शामिल थी, तो अक्षत ने साफ तौर पर इससे इनकार कर दिया और “नहीं” कहकर जवाब दिया।

हत्या के बाद शव के किए टुकड़े

पुलिस जांच में सामने आया है कि अक्षत ने अपने पिता की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए बेहद खौफनाक तरीका अपनाया। मृतक की पहचान मानवेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जिनकी उम्र करीब 50 वर्ष बताई जा रही है। आरोपी अक्षत की उम्र महज 19 साल है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद सबूत मिटाने के इरादे से शव के टुकड़े किए गए और बाद में बचे हुए धड़ को नीले रंग के ड्रम में छिपा दिया गया।

हत्या के बाद शव के किए टुकड़े
हत्या के बाद शव के किए टुकड़े

20 फरवरी की सुबह हुई वारदात

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि 20 फरवरी की सुबह करीब साढ़े चार बजे पिता और बेटे के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि अक्षत गुस्से में आ गया और उसने अपने पिता को गोली मार दी। गोली लगते ही मानवेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने शव को छिपाने की योजना बनाई।

सबूत मिटाने की कोशिश

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अक्षत ने पिता के शव को तीसरी मंजिल से नीचे लाकर ग्राउंड फ्लोर के एक खाली कमरे में रखा। आरोप है कि इसके बाद उसने शव के कुछ अंगों को काटकर अलग-अलग जगह फेंक दिया, ताकि पहचान और सबूत छिपाए जा सकें। अंत में बचे हुए धड़ को एक नीले ड्रम में डालकर छिपा दिया गया। इसी ड्रम की वजह से यह मामला “नीला ड्रम केस” के नाम से चर्चा में आ गया।

पढ़ाई को लेकर होता था विवाद

अब तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके मुताबिक पिता और बेटे के बीच पढ़ाई को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। अक्षत ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा था और पढ़ाई के दबाव को लेकर घर में तनाव बना रहता था। बताया जा रहा है कि वह पहले भी एक बार घर छोड़कर जा चुका था। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या लंबे समय से चल रहा मानसिक दबाव इस वारदात की वजह बना।

पुलिस जांच जारी

आशियाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच बेहद गंभीरता से की जा रही है। सीन रिक्रिएशन के जरिए पूरी घटना की कड़ी को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। साथ ही फोरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह साफ हो सके कि हत्या के दौरान और बाद में क्या-क्या हुआ।

नीला ड्रम केस ने न सिर्फ लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। एक बेटे द्वारा अपने ही पिता की हत्या और फिर शव को छिपाने की कोशिश ने समाज में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

Also Read :

लखनऊ मर्डर केस में सनसनीखेज खुलासा ,बेटे ने रची पूरी प्लानिंग !