वैश्विक मंच से योगी आदित्यनाथ का संदेश ,यूपी की प्रति व्यक्ति आय तीन गुना !

    यामनाशी प्रांत में उन्होंने हाइड्रोजन केंद्र का दौरा किया और वहां की तकनीक को समझा. जिसके बाद ग्रीन हाड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीकी सहयोग समझौता हस्ताक्षर हुए.

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों जापान के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में साझेदारी को नई गति देना है। अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने यामनाशी प्रांत में स्थित एक अत्याधुनिक हाइड्रोजन केंद्र का दौरा किया, जहां उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी उन्नत तकनीकों की विस्तार से जानकारी ली।

    वैश्विक मंच से योगी आदित्यनाथ का संदेश ,यूपी की प्रति व्यक्ति आय तीन गुना !
    वैश्विक मंच से योगी आदित्यनाथ का संदेश ,यूपी की प्रति व्यक्ति आय तीन गुना !

    हाइड्रोजन केंद्र के निरीक्षण के बाद उत्तर प्रदेश और जापान के बीच ग्रीन हाइड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीकी सहयोग से जुड़े अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों को उत्तर प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों और औद्योगिक विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए ग्रीन हाइड्रोजन एक सशक्त विकल्प के रूप में उभर रहा है और उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर आगे बढ़ने को तैयार है।

    यामनाशी प्रांत में उन्होंने हाइड्रोजन केंद्र का दौरा किया और वहां की तकनीक को समझा. जिसके बाद ग्रीन हाड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीकी सहयोग समझौता हस्ताक्षर हुए.
    यामनाशी प्रांत में उन्होंने हाइड्रोजन केंद्र का दौरा किया और वहां की तकनीक को समझा. जिसके बाद ग्रीन हाड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीकी सहयोग समझौता हस्ताक्षर हुए.

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति और विकास यात्रा पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जहां 25 करोड़ से अधिक की आबादी निवास करती है। राज्य प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है और इसकी भौगोलिक स्थिति इसे निवेश के लिए आकर्षक बनाती है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास के कई नए आयाम स्थापित किए हैं, जिनका असर सीधे आम जनता के जीवन स्तर पर पड़ा है।

    मुख्यमंत्री ने जापान में मौजूद उद्योगपतियों और नीति-निर्माताओं के समक्ष दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना तक बढ़ाया गया है। उन्होंने इसे राज्य में बेहतर कानून-व्यवस्था, निवेश अनुकूल नीतियों और बुनियादी ढांचे के तीव्र विकास का परिणाम बताया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल श्रम शक्ति का केंद्र नहीं रहा, बल्कि यह तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

    योगी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने पारदर्शी शासन, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और औद्योगिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज और औद्योगिक कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स ने राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार दी है। उन्होंने बताया कि निवेशकों को अब उत्तर प्रदेश में सुरक्षित माहौल, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और बेहतर कनेक्टिविटी मिल रही है।

    ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रहा है। जापान की उन्नत तकनीक और अनुभव से प्रदेश को न केवल ऊर्जा उत्पादन में लाभ मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के वैश्विक लक्ष्य हासिल करने में ग्रीन हाइड्रोजन की भूमिका अहम होगी।

    जापान दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश आने वाले समय में इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर, अक्षय ऊर्जा और अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में बड़े निवेश का केंद्र बन सकता है। उन्होंने जापानी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह जापान दौरा केवल एक औपचारिक विदेश यात्रा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में हुए समझौते आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन दोनों को नई दिशा दे सकते हैं।

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