मनोज तिवारी के ‘होलरिया’ गाने में राहुल गांधी और अखिलेश यादव के मुखौटे का इस्तेमाल हुआ है. अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि अब हम कोई गाना निकालें तो बुरा मत मानिएगा.
होली के मौके पर भोजपुरी सिंगर और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी का नया गाना ‘होलरिया’ रिलीज होते ही सियासी विवाद का केंद्र बन गया है। होली की शुभकामनाओं और रंग-गुलाल के बीच पेश किया गया यह गाना मनोरंजन से आगे बढ़कर सीधे राजनीतिक व्यंग्य और हमला बन गया है। गाने में जहां भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की जमकर तारीफ की गई है, वहीं विपक्षी दलों और उनके शीर्ष नेताओं पर तीखे तंज भी कसे गए हैं।

यह गाना मनोज तिवारी के मृदुल म्यूजिक बैनर से लॉन्च हुई ‘होलरिया’ एल्बम का टाइटल ट्रैक है। इस गाने में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव जैसे कई विपक्षी नेताओं को निशाने पर लिया गया है। गाने में इन नेताओं के मुखौटे पहने कलाकारों के जरिए राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई है।

गाने के एक हिस्से में राहुल गांधी का मुखौटा पहने पात्र को दिखाया गया है, जिसके जरिए उन पर “साजिश के रंग फेंकने” का आरोप लगाया गया है। वहीं, अखिलेश यादव के मुखौटे वाले पात्र के माध्यम से बिहार विधानसभा चुनाव और राजनीतिक विस्तार को लेकर तंज कसा गया है। गीत के बोलों में कहा गया है कि अखिलेश यादव बिहार क्यों आए, यहां भी “टोटी सूख गई”, जिसे विपक्षी खेमे ने अपमानजनक करार दिया है।
इस गाने को लेकर अब खुद अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। सपा प्रमुख ने हल्के-फुल्के लेकिन तंज भरे अंदाज में कहा कि मनोज तिवारी बहुत पुराने समाजवादी रहे हैं और उनका राजनीतिक प्रोफाइल समाजवादी आंदोलन से ही शुरू हुआ था। अखिलेश यादव ने कहा, “उन्होंने होली पर हमें याद किया, इसके लिए बहुत-बहुत बधाई। अब शुरुआत उन्होंने की है, अगर हम लोग भी कोई गाना बनाएं तो वो बुरा न मानें।” अखिलेश के इस बयान को राजनीतिक पलटवार के तौर पर देखा जा रहा है।
मनोज तिवारी के इस गाने से कांग्रेस भी खासा नाराज नजर आ रही है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने तंज कसते हुए कहा, “जोगीरा… गाएंगे हम भी, सुनना पड़ेगा।” उन्होंने आगे व्यंग्य करते हुए कहा कि मनोज तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करने की सुपारी ट्रंप से ली है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि होली जैसे पर्व को राजनीतिक नफरत और व्यक्तिगत हमलों का मंच बनाया जा रहा है।
‘होलरिया’ गाने में सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि बीजेपी नेताओं को भी प्रमुखता से दिखाया गया है। गाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद रवि किशन, दिनेश लाल यादव निरहुआ और खेसारी लाल यादव जैसे चेहरों के मुखौटे पहने कलाकार भी नजर आते हैं, जिनके जरिए बीजेपी की उपलब्धियों और लोकप्रियता को दर्शाने की कोशिश की गई है।
मनोज तिवारी की ‘होलरिया’ एल्बम 20 फरवरी 2026 को रिलीज हुई थी और महज पांच दिनों में इस गाने को 1.1 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। भोजपुरी दर्शकों और बीजेपी समर्थकों के बीच गाने को काफी पसंद किया जा रहा है। हालांकि, सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव और राहुल गांधी के समर्थक इस गाने को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बता रहे हैं।
कुल मिलाकर, होली के रंगों के बीच आया यह भोजपुरी गाना अब सियासी रंग में रंग चुका है। ‘होलरिया’ सिर्फ एक फेस्टिव सॉन्ग नहीं रह गया, बल्कि बीजेपी और विपक्ष के बीच नई जुबानी जंग की वजह बन गया है। आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ता है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
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