भीषण सड़क हादसा: ट्रक ने कार और टेंपो को कुचला, 3 लोगों की जान गई !

हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यातायात घंटों बाधित रहा. मृतकों में एक बुटीक संचालिका प्रीति शुक्ला और जिला पंचायत अध्यक्ष के रिश्तेदार शामिल हैं.

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में रविवार (8 मार्च) की दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। कोतवाली थाना क्षेत्र के व्यस्त हरदिया चौराहे के पास एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने सड़क पर चल रही स्विफ्ट डिजायर कार और एक टेंपो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों छोटे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर मलबे में तब्दील हो गए। इस हादसे में दो पुरुषों और एक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

भीषण सड़क हादसा: ट्रक ने कार और टेंपो को कुचला, 3 लोगों की जान गई !
भीषण सड़क हादसा: ट्रक ने कार और टेंपो को कुचला, 3 लोगों की जान गई !

हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और राहत टीम ने घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा।

मृतकों में बस्ती की रहने वाली बुटीक संचालिका प्रीति शुक्ला और जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी के रिश्तेदार अमरजीत चौधरी की पहचान हो चुकी है। जबकि तीसरे मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। हादसे में प्रीति शुक्ला के पति बृजेश शुक्ला भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री महेश शुक्ला और जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान अस्पताल परिसर में शोक का माहौल बना रहा और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे का मुख्य कारण ट्रक की तेज रफ्तार बताई जा रही है। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी राम प्रसाद ने बताया कि ट्रक बेहद तेज गति से लहराते हुए आ रहा था और चालक वाहन पर नियंत्रण खो चुका था। उन्होंने बताया कि ट्रक ने पहले सामने से आ रही स्विफ्ट डिजायर कार को टक्कर मारी और उसके बाद पास से गुजर रहे टेंपो को भी अपनी चपेट में ले लिया।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि धमाके की आवाज करीब आधा किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। हादसे के बाद कार में सवार लोग लोहे की चादरों के बीच बुरी तरह फंस गए थे। उन्हें बाहर निकालने के लिए राहत टीम को गैस कटर का सहारा लेना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद घायलों और मृतकों को वाहन से बाहर निकाला गया।

स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। घायलों में से एक व्यक्ति की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के हायर सेंटर रेफर कर दिया है।

हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक, क्षतिग्रस्त कार और टेंपो को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चालक की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि हादसे की सही वजह का पता लगाया जा सके।

स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए चौराहे के पास बढ़ते अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था की कमी को भी जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि चौराहे के आसपास दुकानों और अवैध कब्जों के कारण सड़कें संकरी हो गई हैं, जिससे बड़े वाहनों को निकलने में दिक्कत होती है।

इसके अलावा नेशनल हाईवे से जुड़े इन मार्गों पर भारी वाहनों की गति पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चौराहे पर न तो स्पीड ब्रेकर हैं और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगा है। ऐसे में बाहरी जिलों से आने वाले वाहन चालक अक्सर तेज रफ्तार में गाड़ियां चलाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।

इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि चौराहे पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं और अतिक्रमण हटाकर यातायात व्यवस्था को बेहतर किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

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