छांगुर बाबा की कोठी पर तीसरे दिन भी बुलडोजर एक्शन!

छांगुर बाबा की आलीशान कोठी दूसरे दिन बुधवार को भी ज़मींदोज़ नहीं हो पाई। इसके बाद आज फिर 8 जेसीबी के साथ बुलडोजर की कार्रवाई शुरू की गई है।

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में विवादास्पद कथावाचक और आत्मघोषित संत छांगुर बाबा के खिलाफ प्रशासन का बुलडोजर एक्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। बाबा की आलीशान कोठी पर चल रहे इस कार्रवाई को लेकर जहां स्थानीय प्रशासन इसे अवैध निर्माण के खिलाफ सख्ती बता रहा है, वहीं छांगुर बाबा के समर्थकों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। बुधवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर ने कोठी की बाहरी दीवारें और छज्जे ध्वस्त किए।

छांगुर बाबा की कोठी पर तीसरे दिन भी बुलडोजर एक्शन!
छांगुर बाबा की कोठी पर तीसरे दिन भी बुलडोजर एक्शन!

प्रशासनिक कार्रवाई का सिलसिला जारी

तीसरे दिन की कार्रवाई सुबह 10 बजे शुरू हुई, जब जिला प्रशासन की टीम भारी सुरक्षाबलों के साथ बाबा की कोठी परिसर में दाखिल हुई। पहले से ही चिन्हित किए गए अवैध हिस्सों को बुलडोजर द्वारा गिराया गया। अधिकारियों के अनुसार, बाबा ने कृषि भूमि पर अवैध रूप से व्यावसायिक ढांचा खड़ा किया था, जिसमें कोई नक्शा पास नहीं कराया गया था और ना ही किसी प्रकार की कानूनी अनुमति ली गई थी।

एसडीएम सदर ने मीडिया को बताया, “यह कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। बाबा की कोठी के खिलाफ दर्जनों शिकायतें मिली थीं। जांच में पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई है। अब तक परिसर के दो तिहाई हिस्से को ढहा दिया गया है।”

समर्थकों में गुस्सा, पुलिस अलर्ट

कोठी के बाहर बाबा के सैकड़ों समर्थक एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति तनावपूर्ण होते देख मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कुछ लोगों ने कार्रवाई रोकने की अपील करते हुए यह दावा किया कि बाबा को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जबकि प्रशासन इसे कानून का पालन कराना बता रहा है।

बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक ने कहा, “कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। हम किसी विशेष धर्म, जाति या वर्ग के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि कानून के अनुसार कार्रवाई कर रहे हैं। यदि कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा, तो उस पर यही कार्रवाई होगी।”

राजनीतिक प्रतिक्रिया भी शुरू

इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर “एकतरफा कार्रवाई” का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में कानून का दुरुपयोग हो रहा है। समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “छांगुर बाबा को जनता पूजती है। सरकार उनकी लोकप्रियता से डरकर उन्हें परेशान कर रही है।”

वहीं, भाजपा के प्रवक्ताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चल रही है और कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, नियमों को नहीं तोड़ सकता।

बाबा की प्रतिक्रिया

बाबा की प्रतिक्रिया
बाबा की प्रतिक्रिया

इस बीच, छांगुर बाबा ने एक वीडियो संदेश जारी कर खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा, “मेरे खिलाफ साजिश हो रही है। मैं सनातन धर्म का प्रचारक हूं, मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।” उन्होंने अपने भक्तों से शांति बनाए रखने की अपील की।

आगे की रणनीति

प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण पूरी तरह ध्वस्त होने तक यह कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही, बाबा के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों की भी दोबारा जांच शुरू कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, बाबा के ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन और भूमि कब्जे से जुड़ी अन्य संपत्तियों पर भी जांच एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं।

निष्कर्ष

छांगुर बाबा की कोठी पर चल रही कार्रवाई ने यूपी की राजनीति, समाज और धार्मिक जगत में हलचल पैदा कर दी है। जहां प्रशासन इसे कानून का पालन मान रहा है, वहीं समर्थक और विपक्ष इसे धर्म विशेष को निशाना बनाने का आरोप लगा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मामला और गरमाने की आशंका है।

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