सपा सांसद इकरा हसन ने दुर्व्यवहार करने वाले एडीएम को पद से हटाने और कार्रवाई की मांग है। उन्होंने कहा कि एडीएम का बर्ताव ठीक नहीं है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर प्रशासनिक व्यवहार को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने बिजनौर के अपर जिलाधिकारी (ADM) संतोष बहादुर सिंह पर दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और विपक्षी दलों से लेकर आम जनता तक प्रतिक्रिया सामने आ रही है। सपा सांसद की शिकायत के बाद शासन स्तर पर संज्ञान लेते हुए संबंधित ADM के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

क्या है पूरा मामला?
घटना बिजनौर जनपद की है, जहां सपा सांसद इकरा हसन अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर ADM संतोष बहादुर सिंह से मिलने पहुंचीं थीं। बताया जा रहा है कि इस दौरान ADM ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, आवाज ऊंची की और उन्हें अपमानित करने का प्रयास किया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें ADM सांसद के साथ तीखे शब्दों का प्रयोग करते नजर आ रहे हैं।

इकरा हसन ने इस घटना को लेकर न केवल जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा, बल्कि मीडिया के समक्ष आकर भी आपबीती साझा की। उन्होंने साफ कहा कि यह एक लोकतांत्रिक प्रणाली का अपमान है, जिसमें एक जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार किया गया।
इकरा हसन का बयान
सांसद इकरा हसन ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा,
“मैं जनता के प्रतिनिधि के तौर पर जनसमस्याओं को लेकर ADM से मिलने गई थी, लेकिन उन्होंने मेरे साथ जिस तरह का व्यवहार किया, वह निंदनीय है। मैंने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्य सचिव से की है। मैं चाहती हूं कि ऐसे अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।”
सांसद ने कहा कि वह इस मुद्दे को संसद में भी उठाएंगी और जरूरत पड़ी तो कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगी।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल रिपोर्ट शासन को भेजी। मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार ADM संतोष बहादुर सिंह के व्यवहार को लेकर प्रारंभिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इस जांच की जिम्मेदारी मंडलायुक्त को सौंपी गई है, जो इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे।
ADM संतोष बहादुर सिंह ने भी अपनी सफाई में कहा है कि वह किसी को अपमानित करने का इरादा नहीं रखते थे और यह सब “संदर्भ से हटकर पेश किया जा रहा है”। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
घटना के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा,
“सांसद इकरा हसन के साथ ADM द्वारा किया गया दुर्व्यवहार लोकतंत्र के खिलाफ है। ये सत्ता के घमंड में चूर प्रशासनिक मानसिकता का उदाहरण है। तत्काल कार्रवाई हो।”
वहीं कांग्रेस और बसपा ने भी इस घटना की निंदा की और महिला जनप्रतिनिधि के साथ किए गए दुर्व्यवहार को शर्मनाक बताया।
जनता और महिला संगठनों का समर्थन
इकरा हसन को इस मामले में महिला संगठनों का भी समर्थन मिला है। महिला आयोग ने भी स्वत: संज्ञान लेते हुए यूपी सरकार से रिपोर्ट मांगी है। कई सामाजिक संगठनों ने ADM के निलंबन की मांग की है और कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।
निष्कर्ष
ADM और सांसद के बीच यह विवाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के रिश्तों की संवेदनशीलता को उजागर करता है। इस घटना से यह सवाल उठता है कि क्या जनता के प्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार उचित है? जांच शुरू हो चुकी है और आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस मामले में कितनी पारदर्शिता और सख्ती बरतती है। अगर दोष सिद्ध हुआ, तो यह प्रदेश की प्रशासनिक जवाबदेही के लिए एक बड़ी कसौटी साबित होगी।
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