उत्तर प्रदेश की पुलिस ने एक और एनकाउंटर किया है। यह एनकाउंटर बांदा जिले में हुआ, जब पुलिस ने ईरानी गैंग के सदस्यों को घेर लिया। खुद को पुलिस से घिरा पाकर गिरोह के सदस्यों ने फायरिंग शुरू कर दी।
उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चल रहे पुलिस अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। बांदा जिले में बुधवार देर रात पुलिस और कुख्यात ईरानी गैंग के बीच हुई मुठभेड़ में दो शातिर बदमाश ढेर हो गए। जानकारी के मुताबिक, यह गैंग लंबे समय से प्रदेश और आसपास के राज्यों में सक्रिय था और पुलिस की वर्दी पहनकर लूटपाट को अंजाम देता था। हाल ही में इस गिरोह के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हुई थीं, जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी थी।

घटना की शुरुआत
पुलिस को सूचना मिली थी कि बांदा के बिसंडा इलाके में ईरानी गैंग के कुछ सदस्य किसी बड़ी वारदात की फिराक में छिपे हुए हैं। मुखबिर की सूचना पर जब पुलिस टीम ने इलाके में दबिश दी तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। इस मुठभेड़ में गैंग के दो बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
कौन थे बदमाश?

ढेर हुए बदमाशों की पहचान सलमान और रहीम (बदले हुए नाम) के रूप में हुई है। दोनों बांदा और आसपास के जिलों में सक्रिय थे। बताया जा रहा है कि यह लोग पुलिस की वर्दी पहनकर यात्रियों और ग्रामीणों को रोकते थे और फिर उनसे नकदी, गहने और कीमती सामान लूट लेते थे। कई बार ये लोग खुद को पुलिस जांच टीम बताकर घरों में घुस जाते और चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
बरामदगी
मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार, कारतूस, एक बाइक और पुलिस की वर्दी बरामद की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह के अन्य सदस्य अभी फरार हैं और उनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं।
पुलिस की कार्रवाई
बांदा के एसपी अभिनंदन ने बताया कि ईरानी गैंग लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। इस गैंग के खिलाफ लूट, चोरी और डकैती के कई मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा, “पुलिस पर फायरिंग करने वाले बदमाशों के खिलाफ आत्मरक्षा में कार्रवाई की गई। दो बदमाश मारे गए हैं, जबकि अन्य फरार हैं। जल्द ही पूरे गिरोह को पकड़ लिया जाएगा।”
गैंग का नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि ईरानी गैंग का नेटवर्क केवल यूपी तक सीमित नहीं है। यह गिरोह मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली तक सक्रिय रहा है। कई बार पुलिस ने इनके सदस्यों को पकड़ा है, लेकिन नए सदस्य जुड़कर फिर से वारदातें करने लगते हैं। गैंग के सदस्य सामान्य लोगों की तरह रहते हैं लेकिन पुलिस की वर्दी पहनकर विश्वास हासिल करते हैं और अचानक लूटपाट कर फरार हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों में डर
इलाके के लोगों का कहना है कि यह गिरोह कई बार लोगों को पुलिस बनकर रोकता था, जिससे आम जनता में दहशत फैल गई थी। ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है कि अब इस गैंग के दो खतरनाक बदमाश ढेर हो चुके हैं।
सरकार की नीति पर सवाल
प्रदेश में लगातार हो रहे एनकाउंटर को लेकर विपक्ष अक्सर सवाल उठाता रहा है, लेकिन सरकार का कहना है कि यह अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का हिस्सा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार साफ कर चुके हैं कि अपराधियों को या तो प्रदेश छोड़ना होगा या फिर जेल जाना होगा। बांदा का यह एनकाउंटर सरकार की उसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे की जांच
फिलहाल पुलिस ने दोनों बदमाशों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। उनके आपराधिक इतिहास, गिरोह के बाकी सदस्यों और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द बाकी फरार बदमाश भी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
बांदा एनकाउंटर ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि प्रदेश में कानून के खिलाफ काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने न सिर्फ दो बड़े अपराधियों का खात्मा किया बल्कि लोगों में सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत किया है।
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