“प्रतापगढ़ में रास्ते के विवाद पर बवाल: हिंसक झड़प में 6 घायल, 4 की हालत गंभीर”

वीडियो में दो युवक एक बुजुर्ग व्यक्ति को लाठी से पीटते नजर आ रहे हैं। अस्पताल का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें डॉक्टर बुजुर्ग के सिर पर लगे घाव साफ कर रहे हैं और उनका इलाज कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में शनिवार देर शाम रास्ते को लेकर दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। देखते ही देखते दोनों ओर से लाठी-डंडे और धारदार हथियार चलने लगे। इस झगड़े में छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से चार की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव फैल गया है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

"प्रतापगढ़ में रास्ते के विवाद पर बवाल: हिंसक झड़प में 6 घायल, 4 की हालत गंभीर"
“प्रतापगढ़ में रास्ते के विवाद पर बवाल: हिंसक झड़प में 6 घायल, 4 की हालत गंभीर”

कैसे शुरू हुआ विवाद

जानकारी के मुताबिक, प्रतापगढ़ जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक पक्ष ने गांव के आम रास्ते पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। दूसरे पक्ष का कहना था कि वह रास्ता सार्वजनिक है और सभी का उस पर बराबर का हक है। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते बात गाली-गलौज से आगे बढ़कर मारपीट तक पहुंच गई।

मारपीट में चले लाठी-डंडे और हथियार

गवाहों का कहना है कि झगड़े के दौरान दोनों पक्षों के लोग घरों से लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर आ गए। एक-दूसरे पर हमला करते हुए उन्होंने जमकर मारपीट की। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और महिलाएं व बच्चे चीखते-चिल्लाते हुए घरों में छिप गए। गांव वालों ने किसी तरह बीच-बचाव करने की कोशिश की लेकिन तब तक कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।

अस्पताल में भर्ती

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल भेजा। डॉक्टरों के अनुसार छह लोग घायल हुए हैं, जिनमें चार की हालत बेहद गंभीर है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए इलाहाबाद (प्रयागराज) रेफर करने की तैयारी की जा रही है। घायलों के शरीर पर गहरी चोटें और कटाव हैं, जिससे उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

पुलिस का बयान

प्रतापगढ़ एसपी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच रास्ते का पुराना विवाद था। आज अचानक विवाद बढ़ गया और झगड़ा हिंसक हो गया। पुलिस ने मौके से कई लोगों को हिरासत में लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी हालत में कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।

गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात

घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और गांव में शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस रास्ते के विवाद को लेकर पहले भी कई बार झगड़े हो चुके हैं, लेकिन इस बार मामला ज्यादा बढ़ गया।

प्रशासन की कोशिशें

स्थानीय प्रशासन ने दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश शुरू कर दी है। राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची है ताकि यह तय किया जा सके कि रास्ता किस श्रेणी में आता है—निजी भूमि पर है या फिर सार्वजनिक उपयोग की जमीन है। अधिकारियों का कहना है कि जमीन की पैमाइश कराकर विवाद का निपटारा कराया जाएगा।

ग्रामीणों की चिंता

गांव के बुजुर्गों का कहना है कि रास्ते के विवाद को लेकर लगातार तनाव बना हुआ है। अगर समय रहते प्रशासन ने इस पर ठोस कदम नहीं उठाए तो भविष्य में और बड़ी घटनाएं हो सकती हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि रास्ते को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाए ताकि बार-बार ऐसे झगड़े न हों।

निष्कर्ष

प्रतापगढ़ की यह घटना दिखाती है कि गांवों में जमीन और रास्तों को लेकर विवाद कितनी तेजी से हिंसक रूप ले सकते हैं। पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लें और समय रहते हल करें। फिलहाल गांव में शांति बहाल करने की कोशिशें की जा रही हैं और घायलों का इलाज चल रहा है।

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