बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सीटों के बंटवारे को लेकर एनडीए में चल रही मुश्किलें खत्म हो गई हैं। आज शाम तक उम्मीदवारों के नाम का ऐलान हो जाएगा। देखें संभावित उम्मीदवारों की सूची…
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है। लंबे मंथन और राजनीतिक खींचतान के बाद आखिरकार नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (NDA) में सीट बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है। एनडीए के प्रमुख घटक दलों—भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल यूनाइटेड (JDU), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) [LJP(R)] और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM)—के बीच कई दौर की बैठकों के बाद अंतिम फॉर्मूला तय हो गया है। अब सभी दल अपने-अपने उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।

सीट बंटवारे का फार्मूला तय
सूत्रों के अनुसार, बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से भाजपा और जेडीयू के बीच इस बार 1:1 का फॉर्मूला लागू किया गया है, जबकि शेष सीटें छोटे सहयोगी दलों को दी जाएंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा को 119 सीटें, जेडीयू को 106, लोजपा (रामविलास) को 14 और हम को 4 सीटें मिलने की संभावना है। इस समझौते को अंतिम रूप देने से पहले दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान के बीच एक लंबी बैठक हुई।

बैठक में सभी दलों ने आपसी तालमेल और जीत सुनिश्चित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। इस बार का गठबंधन 2020 के मुकाबले ज्यादा संतुलित माना जा रहा है। जेडीयू को पिछली बार की तुलना में थोड़ा कम, जबकि भाजपा को कुछ सीटें ज्यादा मिली हैं।
उम्मीदवारों की संभावित सूची तैयार
सीट बंटवारा तय होते ही अब सभी दल अपने-अपने उम्मीदवारों की लिस्ट को फाइनल कर रहे हैं। भाजपा ने अपने संगठन और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार कर ली है, जिसमें कई मौजूदा विधायकों के टिकट कटने की संभावना है। पार्टी इस बार युवाओं और महिलाओं को भी अधिक मौका देने के मूड में है।
जेडीयू ने भी अपने स्तर पर मजबूत उम्मीदवारों की तलाश पूरी कर ली है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद अपने विश्वसनीय चेहरों को मैदान में उतारने पर जोर दे रहे हैं ताकि गठबंधन की स्थिति मजबूत बनी रहे। वहीं, लोजपा (रामविलास) ने अपने प्रभाव वाले सीटों — खासकर जमुई, हाजीपुर, खगड़िया और समस्तीपुर — पर अपने उम्मीदवारों के नाम लगभग तय कर लिए हैं।
बीजेपी के संभावित उम्मीदवार
बेतिया -रेणु देवी
झंझारपुर -नीतीश मिश्रा
जाले – जिवेश मिश्रा
रीगा -मोतीलाल प्रसाद
पूर्णिया -विजय कुमार खेमका
लौरिया -विनय बिहारी
बगहा -राम सिंह
नौतन -नारायण प्रसाद
छातापुर -नीरज कुमार बबलू
बिस्फी -हरीभूषण ठाकुर बचोल
पातेपुर- लखेन्द्र कुमार
रोसड़ा-वीरेंद्र कुमार
वजीरगंज- वीरेंद्र सिंह
कहलगांव -पवन यादव
पीरपैंती -ललन कुमार
तरैया- जनक सिंह
जमुई- श्रेयसी सिंह
बरौली-रामप्रवेश राय
बरूराज -अरुण कुमार सिंह
सहरसा-आलोक रंजन झा
कोढ़ा -कविता देवी
रक्सौल -प्रमोद कुमार सिंह
मोतिहारी- प्रमोद कुमार
बथनाहा-अनिल कुमार
खजौली- अरुण शंकर प्रसाद
राजनगर -रामप्रीत पासवान नरपतगंज-जयप्रकाश यादव
बनमनखी- कृष्ण कुमार ऋषि
जेडीयू के संभावित उम्मीदवार
सराय रंजन से विजय चौधरी
नालंदा से श्रवण कुमार
केसरिया से शालिनी मिश्रा
फुलपरास से शीला मंडल
हरलाखी से सुधांशु शेखर
बाल्मीकि नगर से धीरेंद्र प्रताप सिंह
मोकामा से अनंत सिंह
सुपौल से विजेंद्र यादव
जगदीशपुर से भगवान कुशवाहा
बेलागंज- मनोरमा देवी
बिहारीगंज- निरंजन मेहता सुल्तानगंज-ललित नारायण मंडल अमरपुर-जयंत राज
वारिसनगर- अशोक कुमार
धमदाहा- लेसी सिंह
शिवहर-चेतन आनंद
रुन्नीसैदपुर-पंकज मिश्रा
बरारी-विजय सिंह निषाद
आलम नगर -नरेंद्र नारायण यादव सोनबरसा-रत्नेश सदा
कुचायकोट-अमरेंद्र पांडेय
भोरे -सुनील कुमार
मांझी- रणधीर सिंह
बहादुरपुर- मदन सहनी
गठबंधन में एकजुटता का संदेश
एनडीए नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार चुनाव में किसी तरह का मतभेद या ‘फ्रेंडली फाइट’ नहीं होगी। चिराग पासवान और नीतीश कुमार के बीच पिछले चुनाव के अनुभवों को देखते हुए इस बार भाजपा ने दोनों दलों को एक मंच पर लाने में अहम भूमिका निभाई है। चिराग पासवान ने भी बैठक के बाद कहा, “हम सभी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एकजुट हैं। बिहार में एनडीए की सरकार विकास और स्थिरता का प्रतीक बनेगी।”
वहीं, जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा, “गठबंधन में सब कुछ ठीक है। सीटों पर सहमति बन चुकी है। अब हमारा लक्ष्य सिर्फ चुनाव जीतना और बिहार को एक नई दिशा देना है।”
विपक्ष पर तीखा वार
एनडीए के सीट बंटवारे के बाद अब भाजपा और जेडीयू ने विपक्ष पर हमला तेज कर दिया है। भाजपा प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि महागठबंधन (RJD-कांग्रेस-लेफ्ट) में भ्रम और नेतृत्वहीनता है, जबकि एनडीए में स्पष्ट नेतृत्व और ठोस विजन है। उन्होंने कहा, “लालू यादव के परिवारवाद की राजनीति बिहार की जनता पहले ही नकार चुकी है। इस बार जनता विकास की राजनीति को चुनेगी।”
अगले सप्ताह होगा औपचारिक ऐलान
एनडीए के सभी घटक दल अगले सप्ताह संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सीट बंटवारे और उम्मीदवारों की पहली सूची का औपचारिक ऐलान करेंगे। भाजपा मुख्यालय में इस कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो चुकी है। सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह बिहार में एनडीए के प्रचार अभियान की शुरुआत अक्टूबर के अंत में करेंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि इस बार बिहार चुनाव में एनडीए की एकजुटता विपक्ष की रणनीति को चुनौती दे सकती है। हालांकि, महागठबंधन भी अपनी नई सामाजिक समीकरण की रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है।
निष्कर्ष:
लंबे समय से चली आ रही सीट बंटवारे की खींचतान खत्म होने के साथ अब बिहार में चुनावी बिगुल पूरी तरह बज चुका है। एनडीए में एकजुटता का माहौल है और उम्मीदवारों की सूची तय होते ही मैदान में प्रचार का शोर बढ़ जाएगा। बिहार की सियासत एक बार फिर रोमांचक मोड़ पर है, जहां सत्ता की कुर्सी तक पहुंचने की जंग बेहद दिलचस्प होने वाली है।