राम भक्तों का सपना साकार! अयोध्या में पूर्ण हुआ श्रीराम मंदिर का निर्माण !

अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसकी जानकारी दी है। ट्रस्ट ने एक्स पर इसकी जानकारी दी है।

अयोध्या से पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक और भावनात्मक खबर सामने आई है। लंबे इंतजार और वर्षों की आस्था के बाद आखिरकार श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंगलवार को आधिकारिक रूप से घोषणा की कि मंदिर का संपूर्ण निर्माण कार्य समाप्त हो चुका है और अब अंतिम चरण में केवल सौंदर्यीकरण और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस खबर के सामने आने के बाद पूरे देश में राम भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

राम भक्तों का सपना साकार! अयोध्या में पूर्ण हुआ श्रीराम मंदिर का निर्माण !
राम भक्तों का सपना साकार! अयोध्या में पूर्ण हुआ श्रीराम मंदिर का निर्माण !

ट्रस्ट ने की आधिकारिक पुष्टि

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने जानकारी दी कि मंदिर का मुख्य गर्भगृह, प्रांगण, शिखर और अन्य प्रमुख हिस्सों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी स्थापत्य कार्य परंपरागत भारतीय वास्तुकला के अनुरूप किए गए हैं। रामलला की स्थायी प्रतिष्ठा उसी गर्भगृह में होगी, जहाँ उनके बाल रूप की मूर्ति की स्थापना की गई है।

चंपत राय ने कहा, “यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था का क्षण है। भगवान श्रीराम का यह मंदिर केवल पत्थरों से नहीं, बल्कि श्रद्धा और समर्पण से बना है। लाखों लोगों के सहयोग और वर्षों की प्रतीक्षा के बाद आज यह सपना साकार हुआ है।”

भव्यता और दिव्यता का संगम

भव्यता और दिव्यता का संगम
भव्यता और दिव्यता का संगम

अयोध्या में निर्मित यह राम मंदिर भारतीय स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। मंदिर की ऊंचाई लगभग 161 फीट है और यह तीन मंजिला है। पूरे परिसर में राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थर और मकराना के संगमरमर का प्रयोग किया गया है। गर्भगृह के ऊपर सुसज्जित शिखर दूर से ही अपनी भव्यता का अहसास कराता है।

मंदिर परिसर में विभिन्न पवित्र स्थलों का निर्माण भी पूरा हो चुका है, जिनमें श्रीराम की चरण पादुका स्थल, सीता रसोई, हनुमानजी का मंडप और संत निवास क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रसाद वितरण केंद्र, जल प्रबंधन प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाएं भी तैयार हैं।

जनवरी में हो सकता है भव्य आयोजन

सूत्रों के अनुसार, मंदिर के पूर्ण उद्घाटन और रामलला की अंतिम प्रतिष्ठा के लिए जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में भव्य आयोजन की योजना बनाई जा रही है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देशभर से संत-महात्मा एवं प्रमुख श्रद्धालु शामिल हो सकते हैं। ट्रस्ट ने बताया कि उद्घाटन समारोह को “रामोत्सव” के रूप में मनाने की तैयारी है, जिसमें अयोध्या को दिवाली की तरह सजाया जाएगा।

आस्था और भावना से भरा माहौल

अयोध्या में मंदिर निर्माण पूरा होने की घोषणा के बाद से पूरे नगर में उल्लास का वातावरण है। लोग एक-दूसरे को मिठाइयां बांट रहे हैं, मंदिरों में भजन-कीर्तन का दौर चल रहा है और रामलला के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा है। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान सजाना शुरू कर दिए हैं और श्रद्धालु देश के कोने-कोने से अयोध्या पहुंचने लगे हैं।

स्थानीय निवासी बताते हैं कि वर्षों से जिस पल का इंतजार था, वह अब साकार हुआ है। “यह सिर्फ अयोध्या का नहीं, पूरे देश का गर्व का क्षण है,” एक श्रद्धालु ने कहा।

देशभर में उमंग की लहर

मंदिर निर्माण पूर्ण होने की खबर के बाद देशभर के मंदिरों में विशेष आरती और दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिल्ली, वाराणसी, उज्जैन, भोपाल, जयपुर और मुंबई में भी श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जयकारों के साथ इस ऐतिहासिक उपलब्धि का स्वागत किया। सोशल मीडिया पर “#जयश्रीराम” ट्रेंड करने लगा और लोगों ने अपने-अपने तरीकों से रामलला को प्रणाम किया।

ट्रस्ट का संदेश

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने देशवासियों से अपील की है कि वे अयोध्या में दर्शन के लिए आने से पहले तय व्यवस्था और दिशानिर्देशों का पालन करें, ताकि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा में किसी प्रकार की समस्या न हो। ट्रस्ट ने यह भी कहा कि मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह राष्ट्र की एकता, संस्कृति और सभ्यता का केंद्र भी बनेगा।

अंततः, अयोध्या का यह भव्य राम मंदिर न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान का जीवंत प्रतीक बन चुका है — एक ऐसा क्षण, जिसे हर राम भक्त सदियों तक याद रखेगा।

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