समृद्धि एक्सप्रेसवे पर 7 किमी लंबा जाम, सैकड़ों ट्रक फंसे; CM फडणवीस बोले— जल्द समाधान होगा

नागपुर में किसानों के धरना प्रदर्शन के कारण सैकड़ों ट्रक चालक फंसे हुए हैं। सड़कें जाम हैं। किसानों ने सरकार पर दवाब बनाना शुरू कर दिया है।

महाराष्ट्र में किसानों की पूर्ण ऋण माफी की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब जोर पकड़ता जा रहा है। राज्य के चर्चित नेता और प्रहार संस्था के संस्थापक बच्चू कडू के नेतृत्व में किसानों ने नागपुर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है, जो लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर नागपुर-मुंबई समृद्धि राजमार्ग को दो घंटे के लिए जाम कर दिया। इस दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

समृद्धि एक्सप्रेसवे पर 7 किमी लंबा जाम, सैकड़ों ट्रक फंसे; CM फडणवीस बोले— जल्द समाधान होगा
समृद्धि एक्सप्रेसवे पर 7 किमी लंबा जाम, सैकड़ों ट्रक फंसे; CM फडणवीस बोले— जल्द समाधान होगा

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन किसानों के अधिकारों की निर्णायक लड़ाई है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। किसान संगठनों ने साफ कहा है कि “अब केवल वादे नहीं, ठोस कदम चाहिए।”

मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह से ही हजारों किसान नागपुर-मुंबई समृद्धि राजमार्ग के पास जुटने लगे। कुछ ही देर में उन्होंने सड़क पर बैठकर टायर जलाए और नारेबाजी शुरू कर दी। किसानों ने कहा कि वे तब तक नहीं हटेंगे जब तक सरकार सभी किसानों का कर्ज पूरी तरह माफ करने की घोषणा नहीं करती। इस प्रदर्शन के कारण राजमार्ग पर करीब 7 किलोमीटर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों ट्रक, बसें और निजी वाहन फंस गए।

जाम के कारण यात्रियों को घंटों सड़क पर इंतजार करना पड़ा। कई लोग नागपुर एयरपोर्ट और अस्पतालों तक नहीं पहुंच सके। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर किसानों से बातचीत की, लेकिन उन्होंने अपना आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया, वहीं ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों को डायवर्ट किया।

धरने में शामिल बच्चू कडू ने कहा कि किसानों की स्थिति लगातार खराब हो रही है। “हम सरकार से भीख नहीं मांग रहे, बल्कि अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। जब तक किसानों का पूरा कर्ज माफ नहीं किया जाता और फसल की उचित कीमत नहीं मिलती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा,” उन्होंने कहा।

उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि “किसानों से झूठे वादे किए जा रहे हैं। कर्जमाफी की घोषणाएं सिर्फ कागजों में रह जाती हैं, जबकि गांवों में किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं।”

इस आंदोलन को लेकर नागपुर प्रशासन अलर्ट पर है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हम किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं। बच्चू कडू और उनके प्रतिनिधियों से बातचीत जारी है। समाधान जल्द निकलेगा, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना किसी समस्या का हल नहीं है।”

फडणवीस ने किसानों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और बातचीत के जरिए समाधान का रास्ता निकालें। उन्होंने कहा कि सरकार पहले भी कई बार किसानों के पक्ष में फैसले ले चुकी है और आगे भी राज्य के अन्नदाता के साथ खड़ी रहेगी।

धरने में शामिल किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे राज्यभर में समृद्धि राजमार्ग, जिला मुख्यालयों और तहसील कार्यालयों को जाम करेंगे। आंदोलन के समर्थन में कई अन्य किसान संगठनों ने भी सहमति जताई है

इस बीच, ट्रैफिक बहाल करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने भारी मशक्कत की। देर शाम तक स्थिति आंशिक रूप से सामान्य हुई, लेकिन ट्रैफिक जाम का असर रात तक बना रहा।

नागपुर-मुंबई समृद्धि राजमार्ग, जो राज्य की सबसे बड़ी और आधुनिक सड़क परियोजनाओं में से एक है, पर इस तरह का जाम प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। अधिकारी मान रहे हैं कि अगर आंदोलन आगे बढ़ा तो इसका असर पूरे विदर्भ क्षेत्र के यातायात पर पड़ेगा।

कुल मिलाकर, बच्चू कडू के नेतृत्व में किसानों का यह आंदोलन अब एक राजनीतिक और सामाजिक दबाव आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। राज्य सरकार के सामने अब चुनौती यह है कि वह किसानों की मांगों पर ठोस निर्णय ले या फिर पूरे महाराष्ट्र में इस विरोध की आग फैलने का जोखिम उठाए।

Also Read :

नागपुर में सुरक्षा अलर्ट, किसानों के मार्च से पहले ‘रामगिरी’ पर निगरानी तेज़ !