बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान मंगलवार (11 नवंबर) को होना है। इसके लिए सभी राजनीतिक दल पूरी तरह तैयार हैं।
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल अब चरम पर है। गुरुवार को संपन्न हुए पहले चरण के मतदान के बाद अब प्रदेश की नजरें 11 नवंबर को होने वाले दूसरे चरण पर टिक गई हैं। चुनाव आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 14 नवंबर को मतगणना के बाद नतीजों का ऐलान किया जाएगा। ऐसे में सभी राजनीतिक दल, उनके उम्मीदवार और स्टार प्रचारक मैदान में अपनी पूरी ताकत झोंक चुके हैं।

पहले चरण में अपेक्षित उत्साह के साथ हुआ मतदान राज्य के राजनीतिक माहौल को और अधिक सक्रिय कर गया है। अब जैसे-जैसे दूसरे चरण का दिन नजदीक आ रहा है, प्रचार में भाषणों की तीव्रता, रैलियों की संख्या और उम्मीदवारों की सक्रियता में स्पष्ट रूप से वृद्धि देखी जा रही है।
दूसरे चरण में कौन-कौन सी सीटों पर होगा मतदान?
दूसरे चरण में प्रदेश के कई महत्वपूर्ण और राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में मतदान होना है। ये सीटें ऐसी मानी जाती हैं, जिनका परिणाम राज्य की सत्ता की दिशा तय करने में निर्णायक प्रभाव डाल सकता है। इन सीटों पर जातीय समीकरण, स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवारों की छवि और दलों की रणनीतियाँ एक साथ काम कर रही हैं।
नीतीश कुमार के स्वास्थ्य पर चर्चा, भाजपा का बयान

चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सेहत को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू किए थे। इन सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट कहा है कि नीतीश कुमार पूरी तरह स्वस्थ हैं और रोजाना यात्रा व जनसभाएँ कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “कुछ लोग भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, पर नीतीश कुमार प्रतिदिन जनता के बीच हैं और चुनाव अभियान में पूरी ऊर्जा के साथ सक्रिय हैं।”
प्रधान के इस बयान को जेडीयू-भाजपा कैंप द्वारा विपक्ष की ओर से फैलाए जा रहे ‘धारणा युद्ध’ के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
महागठबंधन भी हमलावर, बेरोजगारी और महंगाई को बना रहा मुद्दा
महागठबंधन की तरफ से बेरोजगारी, शिक्षा, सरकारी नौकरियों और महंगाई को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया जा रहा है। महागठबंधन के नेता लगातार यह दावा कर रहे हैं कि मौजूदा सरकार विकास और रोजगार देने में विफल रही है। वहीं सत्ताधारी NDA इन दावों को खारिज करते हुए अपने कार्यकाल में हुए विकास कार्यों, सड़क निर्माण, महिला सुरक्षा और सरकारी योजनाओं को उपलब्धि के रूप में प्रचारित कर रहा है।
स्टार प्रचारकों की एंट्री ने बदला माहौल
पहले चरण के मुकाबले अब दूसरे चरण में स्टार प्रचारकों की संख्या बढ़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, सीएम नीतीश कुमार और अन्य NDA नेता लगातार रैलियाँ कर रहे हैं। दूसरी ओर महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और वाम दलों के नेता भी जनसभाओं के माध्यम से जनता को साधने में लगे हुए हैं।
मतदाताओं की भूमिका होगी निर्णायक
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार युवा मतदाता, विशेषकर पहली बार वोट डालने वाले युवाओं का रुझान परिणामों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने चुनावी कथानक को भी काफी हद तक बदल दिया है। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सोशल मीडिया आधारित प्रचार तेज दिखाई दे रहा है।
निष्कर्ष
पहले चरण का मतदान संपन्न होने के बाद अब बिहार में चुनावी मुकाबला और अधिक रोचक हो गया है। सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष दोनों की रणनीतियाँ अब दूसरे चरण के मतदाताओं को प्रभावित करने पर केंद्रित हैं। चुनावी सभाओं, रोड शो, जनसंपर्क अभियानों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच जनता का मूड कैसा बनता है, यह 11 नवंबर के मतदान और 14 नवंबर के परिणाम से स्पष्ट हो जाएगा। फिलहाल, बिहार की राजनीति अपने सबसे निर्णायक मोड़ पर खड़ी है।
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