दिल्ली में हुए धमाके को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार को घेरा है. यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पूछा कि ये सब घटनाएं कैसे हो रही हैं?
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण कार धमाके के बाद जहां केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हैं, वहीं इस घटना को लेकर अब राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। धमाके में कई लोगों की मौत और भारी संख्या में घायल होने के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लेते हुए उनकी नीतियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हमला बोला है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि यह बेहद गंभीर सवाल है कि देश की राजधानी में लाल किले जैसे हाई सिक्योरिटी जोन में इस तरह का विस्फोट कैसे हो गया। उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा यह दावा करती है कि देश की सीमाएँ पूरी तरह सुरक्षित हैं, कोई भी घुसपैठ नहीं हो रही और आतंकवाद पर लगाम लगा दी गई है, तो फिर ऐसे हमले कैसे हो रहे हैं?
अजय राय ने कहा, “गृह मंत्री अमित शाह कहते हैं कि कोई घुसपैठिया नहीं घुस रहा है, तो फिर देश की राजधानी में धमाका कौन कर रहा है? कुछ दिन पहले पहलगाम में हमारे बच्चों की हत्या कर दी गई थी। वो घटनाएँ किसकी जिम्मेदारी हैं? आखिर कब तक सरकार सिर्फ बयान देती रहेगी और लोगों की जान खतरे में पड़ती रहेगी?” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है।
गृहमंत्री अमित शाह से मांगा इस्तीफा
इससे पहले, 2019 के चुनावों से ठीक पहले पुलवामा में घटना हुई थी, इसकी हमले की भी कोई जांच नहीं हुई. पूरा देश तनाव में है, कई निर्दोष लोग मारे गए हैं. अब इस घटना की जिम्मेदारी कौन लेगा? इसके लिए सीधे तौर पर अमित शाह जिम्मेदार हैं. उन्हें तुरंत इस्तीफा देकर घर जाना चाहिए. ये सीधे तौर पर सरकार की विफलता है, गृहमंत्री कल भी चुनावों में व्यस्त थे.
कांग्रेस का सवाल – ‘सुरक्षा एजेंसियां कहां थीं?’
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह धमाका सुरक्षा व्यवस्था में स्पष्ट चूक का परिणाम है। अजय राय ने कहा कि यदि राजधानी में इस तरह की घटना हो सकती है, तो देश के अन्य शहरों और सीमावर्ती इलाकों की स्थिति को लेकर लोग चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र को इस घटना की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और गृह मंत्रालय को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी व्यवस्था इतने महत्वपूर्ण इलाके में कैसे विफल हुई।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार अपनी प्राथमिकताओं को गलत दिशा में केंद्रित कर रही है और आंतरिक सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही। उन्होंने कहा कि जब देश आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा के मोर्चे पर चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब सरकार का ध्यान विज्ञापन और राजनीतिक प्रचार में अधिक लगा हुआ नजर आता है।
सत्तापक्ष के तर्क
वहीं भाजपा और सरकार समर्थक नेताओं का कहना है कि कांग्रेस इस संवेदनशील समय में भी राजनीति कर रही है, जबकि जरूरत है कि सभी दल मिलकर सुरक्षा एजेंसियों का साथ दें। उनका कहना है कि जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं और दोषियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा।
जांच जारी – कई एजेंसियां सक्रिय

गौरतलब है कि इस धमाके के बाद दिल्ली पुलिस, एनआईए, एनएसजी और एसएफएसएल की टीमें जांच में लगी हैं। मौके से विस्फोटक सामग्री के नमूने जुटाए गए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और धमाके की प्रकृति को लेकर विस्तृत फॉरेंसिक रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है।
निष्कर्ष
दिल्ली धमाके ने राष्ट्रीय सुरक्षा के सवालों को एक बार फिर से केंद्र में ला दिया है। एक तरफ सरकार कह रही है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी, जबकि दूसरी ओर विपक्ष हमलावर है और गृह मंत्री से जवाब की मांग कर रहा है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं, दोनों ही इस मामले को और बड़े राष्ट्रीय विमर्श का विषय बना सकती हैं।
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