पोस्टर को समाजवादी पार्टी के पूर्व बिहार प्रदेश यूथ अध्यक्ष धर्मवीर यादव की ओर से लगाया गया है. नीतीश कुमार के साथ-साथ गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा गया है.
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने से पहले ही राज्य की सियासत में नया मोड़ आ गया है। मतगणना से एक दिन पहले पटना में पोस्टर वार छिड़ गया है, जिसने चुनावी माहौल को और भी गरमा दिया है। जहां एक ओर एग्जिट पोल में एनडीए को बहुमत मिलता दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों ने नीतीश कुमार की विदाई का दावा करते हुए नया राजनीतिक संदेश दे दिया है।
🔹 पटना में सपा का ‘अलविदा चाचा’ पोस्टर

पटना की सड़कों पर बुधवार सुबह ‘अलविदा चाचा’ लिखे बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए, जिनमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर के साथ समाजवादी पार्टी (सपा) का लोगो साफ नजर आ रहा है। यह पोस्टर सपा के पूर्व बिहार प्रदेश यूथ अध्यक्ष धर्मवीर यादव की ओर से लगाया गया है। इसमें नीतीश कुमार को संकेतों में सत्ता से विदाई देने का संदेश दिया गया है।
पोस्टर में तेजस्वी यादव की तस्वीर के साथ स्लोगन लिखा गया है — “अब बिहार बोलेगा, तेजस्वी ही आएगा।”
इस संदेश ने न सिर्फ जनता बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है।
🔹 एग्जिट पोल में एनडीए को बढ़त, विपक्ष ने किया दावा
14 नवंबर को होने वाली मतगणना से पहले जारी हुए अधिकांश एग्जिट पोल्स में एनडीए (भाजपा-जदयू गठबंधन) को स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना जताई गई है।
हालांकि, विपक्ष इस पूर्वानुमान को पूरी तरह खारिज करते हुए दावा कर रहा है कि महागठबंधन को जनता का असली समर्थन मिला है और परिणाम उनके पक्ष में आएंगे।
सपा के इस पोस्टर अभियान को विपक्ष की रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है, जो जनता के बीच एक संदेश देने की कोशिश कर रही है कि बिहार में सत्ता परिवर्तन तय है।
🔹 सपा ने नीतीश को कहा – ‘विदाई तय, अब बदलाव जरूरी’
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि नीतीश कुमार का “जनादेश से रिश्ता अब खत्म हो गया है।”
पूर्व प्रदेश यूथ अध्यक्ष धर्मवीर यादव ने कहा,
“बिहार में जनता अब बदलाव चाहती है। नीतीश कुमार ने बार-बार गठबंधन बदलकर जनता को ठगा है। इस बार लोग उनका राजनीतिक हिसाब साफ करने जा रहे हैं। ‘अलविदा चाचा’ बिहार की जनता की भावना का प्रतीक है।”
उन्होंने आगे कहा कि तेजस्वी यादव में बिहार की नई उम्मीद दिखती है, और यह पोस्टर जनता के मन की बात को दर्शाता है।
🔹 जेडीयू ने बताया “राजनीतिक नौटंकी”

पोस्टर वायरल होते ही जेडीयू नेताओं ने सपा और आरजेडी पर पलटवार किया। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा,
“जिन्हें बिहार में अपनी राजनीतिक जमीन नहीं मिल रही, वे अब पोस्टरबाजी से सुर्खियां बटोरना चाहते हैं। जनता नीतीश कुमार के काम को जानती है, और इस बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी।”
भाजपा नेताओं ने भी सपा को बाहरी पार्टी बताते हुए कहा कि यह पोस्टर उत्तर प्रदेश की राजनीति का असर बिहार में लाने की कोशिश है, लेकिन यहां की जनता ऐसे प्रचारों से प्रभावित नहीं होगी।
🔹 पटना में चर्चा का विषय बना ‘अलविदा चाचा’
पोस्टर लगने के बाद से पटना के राजनीतिक गलियारों में इस नारे ने जैसे आग लगा दी है। सोशल मीडिया पर #अलविदा_चाचा ट्रेंड कर रहा है।
लोग मजेदार मीम्स और राजनीतिक व्यंग्य शेयर कर रहे हैं। वहीं, आरजेडी कार्यकर्ता इसे “जनता की भावना” बता रहे हैं, जबकि एनडीए समर्थक इसे “विपक्ष की हताशा” करार दे रहे हैं।
🔹 मतगणना से पहले बढ़ा सस्पेंस
अब सबकी निगाहें 14 नवंबर की मतगणना पर टिकी हैं। क्या नीतीश कुमार एक बार फिर सत्ता पर काबिज होंगे या सपा-आरजेडी के दावे सही साबित होंगे — यह परिणाम ही तय करेंगे।
लेकिन एक बात तय है — इस बार बिहार का चुनाव सिर्फ वोटों का नहीं, बल्कि पोस्टरों और नारों की जंग भी बन गया है।
“अलविदा चाचा” वाला पोस्टर इस सियासी मुकाबले की तस्वीर को और दिलचस्प बना चुका है।
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