बिहार की मोकामा सीट पर चुनाव के परिणाम सामने आ गए हैं। इस सीट पर अनंत सिंह ने शानदार जीत दर्ज की है, उन्होंने सूरजभान की पत्नी वीणा देवी को हरा दिया है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में आज, 14 नवंबर को मतगणना जारी है और राज्य के कई निर्वाचन क्षेत्रों में नतीजे सामने आ रहे हैं। इस बार की सबसे चर्चा में रहने वाली सीटों में से एक है मोकामा (संख्या 178) विधानसभा क्षेत्र, जहाँ सक्रिय राजनीति और पुराने समीकरणों के बीच ठोस मुकाबला दिखा। उस सीट पर अनंत कुमार सिंह (जदयू) ने बड़ी बढ़त बना ली है और जीत की ओर अग्रसर हैं।

मुकाबले और पृष्ठभूमि
मोकामा सीट पर इस बार जदयू ने अनंत कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया था। उनकी विरोधी थीं वीणा देवी, जो सूरजभान सिंह (पूर्व विधायक) की पत्नी हैं और इस क्षेत्र में उनकी राजनीतिक उपस्थिति मानी जाती है।
अनंत कुमार सिंह इस क्षेत्र में लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव रखते आए हैं। उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं, पर फिर भी उनके समर्थकों की संख्या कम नहीं हुई।
गिनती के रुझान
गिनती के दौरान मिल रहे रुझानों के मुताबिक, अनंत कुमार सिंह ने अन्य प्रतिद्वंद्वियों से महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है। उदाहरण के लिए, एक वक्त पर उन्होंने लगभग 85,975 वोट प्राप्त कर लिया था, जबकि वीणा देवी को लगभग 61,177 वोट ही मिले थे। इस तरह उनका वोट-शेयर लगभग 49.58% रहा।
दूसरे स्रोत बताते हैं कि 17वें राउंड तक अनंत सिंह का बढ़त 17,050 वोट के करीब थी, जो बाद में 20,000 से ऊपर चली गई।
क्यों इसे माना जा रहा है बड़ी जीत
मोकामा एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ राजनीतिक दबदबा केवल दलों पर नहीं बल्कि व्यक्ति-नेता पर आधारित रहा है। पूर्व में भी अनंत कुमार सिंह ने इस सीट से कई बार सफलता पाई है।
इस बार जब उन्होंने जदयू का टिकट लिया, तो यह संकेत माना गया कि उनकी वापसी और फिर स्थिर पकड़ मौजूद है। वहीं वीणा देवी के खिलाफ मुकाबला दिखा कि सीट पर उनका प्रभाव कम हुआ है।
राजनीतिक मायने
अनंत कुमार सिंह की बढ़त का मतलब है कि जदयू (और उसके अधीन गठबंधन) ने इस सीट पर पुराने समीकरणों को बरकरार रखा है। यह संकेत है कि उनके मत-समर्थन का आधार अभी भी सक्रिय है।
इसके विपरीत, वीणा देवी और उनके समर्थन-दल को यह दिखाता है कि इस सीट पर बदलाव के लिए पर्याप्त प्रभाव नहीं बना पाए।
आगे क्या होने वाला है
हालाँकि रुझान स्पष्ट है, लेकिन अंतिम पुष्टि अधिकारी परिणाम के बाद ही होगी। अब तक की गिनती यह बात लगभग पुख्ता कर रही है कि मोकामा सीट जदयू के पक्ष में जाने जा रही है।
राजनीतिक दृष्टि से यह जीत जदयू को राज्य-स्तर पर और मजबूती दे सकती है। विपक्ष के लिए यह चेतावनी भी है कि पुराने उम्मीदवार और पारंपरिक समीकरण अब चुनौतियों से भरे हैं।