बिहार में एनडीए की तरफ से सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को विधायक दल का नेता और उपनेता चुना गया. इस बीच दोनों नेताओं का रिएक्शन सामने आया है.
बिहार में चुनाव परिणाम आने के बाद नई सरकार के गठन की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। राजधानी पटना में बुधवार को राजनीतिक हलचल चरम पर रही, क्योंकि एनडीए के घटक दलों की महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। इसी क्रम में भाजपा और एनडीए ने मिलकर सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना है, जबकि विजय सिन्हा को विधायक दल का उपनेता बनाया गया है। यह फैसला राज्य की नई सत्ता संरचना को अंतिम रूप देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

एनडीए गठबंधन ने विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 243 में से 202 सीटों पर कब्जा किया था। इस प्रचंड जीत के बाद अब नई राजनीतिक टीम के गठन को लेकर तस्वीर लगातार साफ हो रही है। गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि नई सरकार का नेतृत्व नीतीश कुमार ही करेंगे। इसी बीच डिप्टी सीएम को लेकर चर्चा के बीच एनडीए के दोनों प्रमुख चेहरों—सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा—को विधायक दल में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
20 नवंबर को होगा शपथ ग्रहण समारोह

एनडीए के निर्णयों और नई भूमिकाओं की औपचारिकता के बीच यह भी तय हो गया है कि गुरुवार, 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार शपथ लेंगे, जबकि अन्य मंत्रियों के नामों का भी जल्द ही ऐलान किया जाएगा। यह समारोह राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि नए समीकरणों के साथ बिहार की राजनीति में एक नई शुरुआत होने जा रही है।
सम्राट चौधरी की प्रतिक्रिया: “यह हर कार्यकर्ता की जीत”
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पद केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि “पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता की मेहनत का परिणाम” है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय नेतृत्व और बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि वे बिहार को एक नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि आने वाले समय में एनडीए की सरकार जनता के भरोसे पर पूरी तरह खरी उतरेगी। उन्होंने दावा किया कि बिहार में विकास की गति तेज होगी और राज्य में बन रही नई सरकार सुशासन, रोजगार, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देगी।
विजय सिन्हा ने भी जताया नेतृत्व पर विश्वास
विधायक दल के उपनेता बनाए जाने के बाद विजय सिन्हा ने भी अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें मिली यह जिम्मेदारी “एनडीए के प्रति जनता के विश्वास का प्रतिफल” है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा की राष्ट्रीय नेतृत्व टीम और बिहार भाजपा संगठन का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे सम्राट चौधरी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मिलकर बिहार के विकास के लिए काम करेंगे।
विजय सिन्हा ने इस मौके पर कहा कि विपक्ष द्वारा फैलाई गई अफवाहों के उलट एनडीए पूरी तरह एकजुट और मजबूत है। उन्होंने इसे “टीम बिहार” की जीत बताया और वादा किया कि जनता की उम्मीदों पर नई सरकार खरा उतरेगी।
राजनीतिक समीकरण और गठबंधन की मजबूती
सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को नेता और उपनेता चुने जाने से यह भी स्पष्ट हो गया है कि एनडीए अपने कोर नेतृत्व के साथ नई सरकार की शुरुआत करना चाहता है। यह निर्णय भाजपा विधायकों में एकता और विश्वास का संकेत भी देता है। माना जा रहा है कि इन दोनों नेताओं को आगे सरकार में भी अहम भूमिकाएँ दी जा सकती हैं।
राजनीति के जानकारों का मानना है कि इस फैसले से भाजपा का संगठन और अधिक मजबूत होगा और एनडीए का आंतरिक तालमेल भी सुचारु बना रहेगा। नीतीश कुमार के नेतृत्व में यह तिकड़ी—नीतीश, सम्राट और विजय—बिहार में राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
निष्कर्ष
बिहार की नई सरकार का ढांचा अब लगभग तैयार हो चुका है। चुनावी जीत के बाद अब सत्ता के स्वरूप को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। एनडीए के दोनों प्रमुख युवा और प्रभावशाली चेहरों को नई भूमिका मिलना इस बात का संकेत है कि गठबंधन आने वाले वर्षों में संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना चाहता है। 20 नवंबर को होने वाला शपथ ग्रहण समारोह अब नई राजनीतिक शुरुआत का प्रतीक बनने जा रहा है।