विजय सिन्हा ने कहा कि सरकार की पूरी निगाह भू-माफिया पर होगी. किसी भी हालत में विभाग में माफिया की नहीं चलेगी. हम समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं.
बिहार में नई सरकार के गठन के बाद सोमवार (24 नवंबर 2025) को कई मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों का पदभार ग्रहण किया। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के नए मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी अपना कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ प्रारंभिक बैठक की और आने वाले दिनों की प्राथमिकताओं पर स्पष्ट संकेत देते हुए कहा कि उनका मुख्य फोकस जमीन सम्बन्धी भ्रष्टाचार खत्म करने, भू-माफियाओं पर कार्रवाई तेज करने और विभाग को पूरी तरह पारदर्शी बनाने पर होगा।

विजय सिन्हा ने कहा कि वे इस विभाग की कार्यप्रणाली और चुनौतियों से परिचित हैं, क्योंकि इससे पहले भी कुछ समय तक वह इस मंत्रालय का दायित्व संभाल चुके हैं। उनका कहना था कि जमीन से जुड़े मामलों में जनता को होने वाली दिक्कतें किसी से छिपी नहीं हैं। इसलिए नए सिरे से विभाग की समग्र समीक्षा की जाएगी और ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे आम लोगों को न्याय और सुविधा दोनों मिले।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की प्राथमिकताओं में सामाजिक सौहार्द और पारदर्शी प्रशासन सबसे ऊपर है। इस दिशा में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि जमीन से जुड़ा कोई भी विवाद सीधे सामाजिक शांति और जनकल्याण को प्रभावित करता है। इसलिए विभाग को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए हर स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे—चाहे वह अंचल कार्यालय हों, डीसीएलआर स्तर की इकाइयाँ हों या विभाग का मुख्यालय।
सबसे महत्वपूर्ण घोषणा भू-माफियाओं के खिलाफ उनकी सख्त चेतावनी रही। विजय सिन्हा ने कहा कि राज्य में भूमि कब्जा, अवैध प्लॉटिंग और फर्जी दस्तावेजों का कारोबार वर्षों से बड़ी समस्या रहा है। कई मामलों में माफियाओं की मिलीभगत से गरीबों, किसानों और जमीनदारों को अपने ही हक की जमीन तक पहुँचने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। सिन्हा ने साफ कहा कि इस तरह की गतिविधियों के लिए अब कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा, “सरकार की पूरी निगाह भू-माफियाओं पर होगी। कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, नियमों के खिलाफ जाने पर कार्रवाई निश्चित है।”

विभाग द्वारा जल्द ही एक बड़ी समीक्षा बैठक बुलाए जाने की घोषणा की गई है, जिसमें जमीन से जुड़े विवाद, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे, ऑनलाइन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, रजिस्ट्रेशन और म्यूटेशन प्रणाली की खामियों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इस बैठक के आधार पर भविष्य की नीति-निर्धारण होगा और विभाग की कार्यशैली को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
विजय सिन्हा ने यह भी स्वीकार किया कि लगान, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार एक लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा कि लोग छोटे-छोटे कार्यों के लिए महीनों परेशान होते हैं, जबकि इन्हें सहज रूप से ऑनलाइन उपलब्ध होना चाहिए। नए मंत्री ने निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा—चाहे उसमें कोई कर्मचारी, अधिकारी या बाहरी तत्व शामिल हो। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विभाग में तकनीकी सुधारों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि पुराने रिकॉर्डों के डिजिटाइजेशन, प्लॉटों की मैपिंग, भू-अभिलेखों के आधुनिकीकरण और ऑनलाइन सेवाओं की रफ्तार में तेजी लाई जा सके। उनका कहना था कि जब प्रक्रियाएँ पारदर्शी होंगी, तो भ्रष्टाचार और अवैध हस्तक्षेप अपने आप कम होंगे।
पदभार ग्रहण के दिन ही विजय कुमार सिन्हा के तेवरों ने स्पष्ट कर दिया कि आने वाले दिनों में बिहार में भूमि सुधार के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। भू-माफियाओं, फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के इस नए रुख ने आम जनता के बीच उम्मीद की नई किरण जगाई है, वहीं विभाग के अंदर भी साफ संदेश है कि अब कार्यशैली में सुधार लाना अनिवार्य है।
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