यूपी विधानसभा में कफ सिरप को लेकर बवाल, सपा विधायकों का पोस्टर प्रदर्शन !

यूपी विधानसभा का शीतकालीन सत्र इस बार भी हंगामेदार रहने के आसार है. सपा ने एसआईआर और कफ सिरप मामले पर सरकार को घेरने की तैयारी की है.

उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन सियासी माहौल गरमा गया। समाजवादी पार्टी (सपा) ने कफ सिरप मामले को लेकर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी के साथ सदन में कदम रखा। सत्र की शुरुआत से पहले ही सपा के कई विधायक अलग-अलग अंदाज में विरोध जताते नजर आए, जिससे विधानसभा परिसर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई।

यूपी विधानसभा में कफ सिरप को लेकर बवाल, सपा विधायकों का पोस्टर प्रदर्शन !
यूपी विधानसभा में कफ सिरप को लेकर बवाल, सपा विधायकों का पोस्टर प्रदर्शन !

पोस्टर और साइकिल से प्रदर्शन

सपा विधायकों ने कफ सिरप मामले को लेकर अनोखे तरीकों से अपना विरोध दर्ज कराया। शिकोहाबाद से सपा विधायक मुकेश वर्मा कफ सिरप से जुड़ा पोस्टर पहनकर विधानसभा पहुंचे। पोस्टर पर सरकार की कथित निष्क्रियता पर सवाल उठाए गए थे। वहीं, सपा विधायक बृजेश यादव ‘जादुई कफ सिरप’ लिखा पोस्टर लेकर साइकिल से विधानसभा पहुंचे। उनका यह अंदाज साफ तौर पर सरकार पर तंज माना जा रहा है।

सपा नेताओं का कहना है कि जब प्रदेश में छोटे अपराधों पर भी कड़ी कार्रवाई होती है, तब इतने बड़े कफ सिरप मामले में अब तक किसी बड़े आरोपी की गिरफ्तारी न होना गंभीर सवाल खड़े करता है।

मुकेश वर्मा का सरकार पर तीखा हमला

शिकोहाबाद विधायक मुकेश वर्मा ने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा,
“जो सरकार हर मुद्दे पर बुलडोजर चलाने की बात करती है, आज उसी सरकार के बुलडोजर की चाबी खो गई है और तेल भी खत्म हो गया है। इतने बड़े कफ सिरप मामले में अब तक किसी बड़े आदमी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।”

मुकेश वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार छोटे लोगों पर कार्रवाई करके अपनी पीठ थपथपाती है, लेकिन जब मामला बड़े रसूखदारों से जुड़ा होता है तो कार्रवाई ठंडी पड़ जाती है। उन्होंने मांग की कि कफ सिरप मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।

सपा का आरोप: सरकार बचा रही है दोषियों को

समाजवादी पार्टी का कहना है कि कफ सिरप से जुड़े इस मामले ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सपा नेताओं का आरोप है कि सरकार इस पूरे प्रकरण में दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है। पार्टी का दावा है कि यदि यही मामला किसी आम आदमी से जुड़ा होता, तो अब तक बुलडोजर चल चुका होता और सख्त कार्रवाई हो गई होती।

सपा विधायकों का कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ एक कफ सिरप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश में नशे, अवैध कारोबार और भ्रष्टाचार की जड़ों से जुड़ा हुआ है। ऐसे मामलों में सख्ती न बरतना युवाओं और समाज दोनों के लिए खतरनाक है।

सदन में हंगामे के आसार

शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही जिस तरह से सपा ने आक्रामक रुख अपनाया है, उससे आने वाले दिनों में सदन के भीतर और बाहर हंगामे के आसार नजर आ रहे हैं। सपा सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस मुद्दे को सदन में जोर-शोर से उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।

वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से अब तक इस प्रदर्शन पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, सरकार पहले ही यह कह चुकी है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

राजनीतिक जानकारों की राय

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सपा इस मुद्दे को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करना चाहती है, खासकर ऐसे समय में जब कानून व्यवस्था और अपराध को लेकर योगी सरकार खुद को सख्त बताती रही है। कफ सिरप मामला विपक्ष के लिए सरकार के दावों को चुनौती देने का एक बड़ा हथियार बनता दिख रहा है।

कुल मिलाकर, यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत ही टकराव के साथ हुई है। कफ सिरप मामले को लेकर सपा का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा सदन की कार्यवाही पर हावी रह सकता है और सरकार-विपक्ष के बीच सियासी घमासान और तेज होने की पूरी संभावना है।

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