MNREGA को लेकर कांग्रेस के सुर में शशि थरूर, सरकार पर साधा निशाना !

मनरेगा स्कीम का नाम बदले जाने को लेकर केंद्र सरकार का विरोध करने के बाद अब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री जन विकास योजना को लेकर सवाल उठाए हैं.

कांग्रेस के दिग्गज नेता और केरल से सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जन विकास योजना (PMJVK) को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। थरूर ने शनिवार (20 दिसंबर, 2025) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा कर केरल को इस योजना के तहत मिलने वाली धनराशि को लेकर केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को टैग करते हुए कहा कि यह मामला बेहद चिंताजनक है और इस पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

शशि थरूर ने अपने पोस्ट में लिखा कि लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान प्रधानमंत्री जन विकास योजना पर विस्तार से चर्चा करने का समय नहीं मिल पाया, लेकिन अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री द्वारा सदन में दिए गए लिखित उत्तर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। थरूर के अनुसार, इस लिखित जवाब में यह खुलासा हुआ है कि वर्ष 2021 के बाद से केरल को पीएमजेवीके के तहत कोई भी धनराशि आवंटित नहीं की गई। उन्होंने इसे चौंकाने वाला बताते हुए कहा कि यह स्थिति न केवल केरल के लिए, बल्कि योजना की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी सवाल उठाती है।

MNREGA को लेकर कांग्रेस के सुर में शशि थरूर, सरकार पर साधा निशाना !
MNREGA को लेकर कांग्रेस के सुर में शशि थरूर, सरकार पर साधा निशाना !

प्रधानमंत्री जन विकास योजना का उद्देश्य देश के अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और अन्य आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करना है। इस योजना के तहत स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र, सड़क, पेयजल और स्वच्छता जैसी परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को फंड दिया जाता है। ऐसे में किसी राज्य को कई वर्षों तक धनराशि न मिलना गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।

थरूर ने अपने पोस्ट में यह भी सवाल उठाया कि अगर योजना का मकसद देश के सभी पात्र क्षेत्रों का समावेशी विकास है, तो फिर केरल को इस दायरे से बाहर क्यों रखा गया। उन्होंने पूछा कि क्या केरल के अल्पसंख्यक बहुल इलाके अब विकास सहायता के योग्य नहीं रह गए हैं, या फिर इसके पीछे कोई और कारण है। थरूर ने केंद्र सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि आखिर किन आधारों पर केरल को पीएमजेवीके फंड से वंचित रखा गया।

कांग्रेस नेता ने यह मुद्दा ऐसे समय में उठाया है, जब केंद्र और विपक्ष के बीच विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और संसाधनों के वितरण को लेकर पहले से ही राजनीतिक बहस तेज है। विपक्षी दल लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि केंद्र सरकार योजनाओं के तहत फंड आवंटन में राजनीतिक भेदभाव कर रही है, जबकि सरकार इन आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है।

शशि थरूर के सवालों के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि केरल जैसे शिक्षित और सामाजिक विकास में अग्रणी राज्य को योजनाओं से वंचित करना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि इससे वहां चल रही विकास परियोजनाओं पर भी असर पड़ता है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार विपक्ष शासित राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

MNREGA का नाम बदले जाने को लेकर केंद्र का किया विरोध 

शशि थरूर कुछ दिनों से कांग्रेस के समर्थन में नजर आ रहे हैं. केंद्र सरकार ने हाल ही में MNREGA स्कीम को लेकर संशोधन बिल लोकसभा में पेश किया, तब शशि थरूर ने कांग्रेस का समर्थन करते हुए मनरेगा स्कीम का नाम बदले जाने को लेकर केंद्र सरकार का विरोध किया था. थरूर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मनरेगा योजना भारत की महान विकास कहानियों में से एक रही है. इसे खत्म करना एक पीछे जाने जैसा कदम है जिसे केंद्र सरकार को वापस लेना चाहिए.

वहीं, केंद्र सरकार की ओर से अब तक इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि पीएमजेवीके के तहत फंड आवंटन पात्रता मानकों, परियोजना प्रस्तावों और उपयोगिता प्रमाण पत्र जैसे तकनीकी पहलुओं पर आधारित होता है। ऐसे में केरल को फंड न मिलने के पीछे प्रशासनिक या प्रक्रियागत कारण हो सकते हैं।

फिलहाल, शशि थरूर द्वारा उठाए गए सवालों ने प्रधानमंत्री जन विकास योजना के क्रियान्वयन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार के जवाब पर टिकी हैं कि वह इस मुद्दे पर क्या सफाई देती है और क्या केरल को भविष्य में पीएमजेवीके के तहत धनराशि आवंटित की जाएगी।

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