BMC चुनाव से पहले कांग्रेस का राज ठाकरे पर तंज, बोली—जुबान पर रखें काबू !

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि महाविकास अघाड़ी के बैनर तले ही मुंबई नगर निगम (BMC) का चुनाव लड़ा जाना चाहिए. MVA के सभी दलों को आपस में बातचीत करके चुनाव लड़ना चाहिए.

महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) समेत 29 नगर निगमों के चुनाव नजदीक आते ही सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. मुंबई की राजनीति एक बार फिर गठबंधन, बयानबाज़ी और रणनीतिक समीकरणों के इर्द-गिर्द घूमने लगी है. इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के पूर्व सांसद हुसैन दलवई का बयान चर्चा में है, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे को “जुबान पर थोड़ा काबू रखने” की नसीहत दी है.

BMC चुनाव से पहले कांग्रेस का राज ठाकरे पर तंज, बोली—जुबान पर रखें काबू !
BMC चुनाव से पहले कांग्रेस का राज ठाकरे पर तंज, बोली—जुबान पर रखें काबू !

BMC चुनाव और गठबंधन की राजनीति

बीएमसी देश की सबसे अमीर नगरपालिकाओं में से एक मानी जाती है, इसलिए इसका चुनाव सिर्फ स्थानीय नहीं बल्कि राज्य और राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी बेहद अहम होता है. 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद बदली राजनीतिक परिस्थितियों ने इस चुनाव को और ज्यादा रोचक बना दिया है. एक तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है, तो दूसरी ओर महाविकास अघाड़ी (MVA) — जिसमें कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) शामिल हैं — एकजुट होकर मुकाबला करने की रणनीति बना रही है.

इसी पृष्ठभूमि में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के संभावित गठबंधन को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. यदि ऐसा होता है, तो मुंबई की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. हालांकि इस संभावित समीकरण को लेकर कांग्रेस के भीतर भी विचार-विमर्श जारी है.

हुसैन दलवई का बयान

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने साफ शब्दों में कहा कि राज ठाकरे को अपनी भाषा और बयानबाज़ी पर संयम रखना चाहिए. उन्होंने कहा, “राज ठाकरे को जुबान पर थोड़ा काबू रखना चाहिए, ये तो मैं जरूर बोलूंगा. लेकिन मेरे ख्याल से शिवसेना (यूबीटी) के नेतृत्व ने भी उन्हें समझाया है कि किसी को नाराज मत करिए.”

दलवई का मानना है कि अगर राज ठाकरे महाविकास अघाड़ी के साथ आते हैं, तो यह गठबंधन के लिए नुकसानदेह नहीं होगा. उन्होंने कहा कि राज ठाकरे के आने से कोई नुकसान नहीं होगा और चुनाव महाविकास अघाड़ी के बैनर तले ही लड़ा जाना चाहिए. उनके मुताबिक, सभी दलों को आपसी बातचीत और समझदारी से चुनावी रणनीति तय करनी चाहिए.

मुस्लिम वोट और BJP विरोध

हुसैन दलवई ने अपने बयान में मुस्लिम मतदाताओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मुसलमान बीजेपी के खिलाफ हैं और ऐसे में विपक्षी दलों को इस राजनीतिक हकीकत को समझते हुए आगे बढ़ना चाहिए. दलवई का संकेत साफ था कि अगर विपक्षी दल आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होते हैं, तो बीजेपी को कड़ी चुनौती दी जा सकती है.

राज ठाकरे की बयानबाज़ी पर सवाल

राज ठाकरे अक्सर अपने तीखे और विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं, खासकर हिंदी बनाम मराठी और उत्तर भारतीयों से जुड़े मुद्दों पर. यही वजह है कि कांग्रेस जैसे दल चाहते हैं कि यदि MNS किसी गठबंधन का हिस्सा बनती है, तो बयानबाज़ी में संयम बरता जाए ताकि किसी खास समुदाय या वर्ग में नाराजगी न फैले.

MVA के लिए चुनौती और अवसर

महाविकास अघाड़ी के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीटों का बंटवारा और साझा एजेंडा तय करने की है. कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी के अलावा अगर MNS भी साथ आती है, तो समीकरण और जटिल हो जाएंगे. लेकिन साथ ही यह गठबंधन बीजेपी के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा भी बन सकता है.

आगे की राजनीति

फिलहाल यह साफ नहीं है कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे का गठबंधन अंतिम रूप लेगा या नहीं. लेकिन हुसैन दलवई के बयान ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि कांग्रेस चाहती है कि चुनावी लड़ाई में भाषा और मुद्दों को लेकर सावधानी बरती जाए. बीएमसी चुनाव जैसे-जैसे करीब आएंगे, वैसे-वैसे महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाज़ी और गठबंधन की चर्चाएं और तेज होंगी.

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