नरेंद्र त्रिपाठी रायबरेली
रायबरेली शहर स्थित संकट मोचन धाम में आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें धाम के महंत कृष्ण बिहारी ने महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि संकट मोचन धाम के सदस्यों और साधु-संतों के सहयोग से आगामी 1 जनवरी को विश्व कल्याण दिवस मनाया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य केवल नए साल का स्वागत करना नहीं, बल्कि पूरे विश्व के कल्याण के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
महंत कृष्ण बिहारी ने कहा कि आमतौर पर लोग 1 जनवरी को हैप्पी न्यू ईयर के रूप में मनाते हैं, लेकिन संकट मोचन धाम ने इसे एक व्यापक और सकारात्मक सोच के साथ मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इस दिन पशु, पक्षी, धरती, आकाश, नदियों और प्रकृति के समग्र कल्याण के लिए संकल्प लिया जाएगा। उनका कहना था कि विश्व कल्याण का अर्थ सिर्फ मानव तक सीमित नहीं है, बल्कि सृष्टि के हर तत्व का संरक्षण और सम्मान भी इसमें शामिल है।

साधु-संतों की होगी सहभागिता
महंत कृष्ण बिहारी ने जानकारी दी कि इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत शामिल होंगे और सभी मिलकर विश्व कल्याण का संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अभी से सही दिशा में सोचना और कदम उठाना बेहद जरूरी है। अगर समय रहते मानव समाज नहीं जागा, तो इसके परिणाम आगे चलकर बेहद घातक हो सकते हैं, जिनकी कल्पना भी कठिन है।
मानवता और सहयोग का संदेश
महंत ने अपने संबोधन में कहा कि मानव के भीतर मानवता का भाव होना सबसे जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि एक-दूसरे के प्रति सहयोग और सद्भाव की भावना के साथ विश्व कल्याण दिवस मनाएं। उनका कहना था कि आज की दुनिया भौतिकता की ओर तेजी से बढ़ रही है, जिससे मानवीय मूल्यों में गिरावट देखने को मिल रही है।
सनातन संस्कृति अपनाने की अपील
महंत कृष्ण बिहारी ने यह भी चिंता जताई कि आज की पीढ़ी अपनी सनातन संस्कृति से दूर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ने हमेशा प्रकृति, जीव-जंतुओं और मानवता के संरक्षण का संदेश दिया है। जरूरत है कि युवा पीढ़ी सनातन परंपराओं को समझे और उनके बताए मार्ग पर चले। तभी सच्चे अर्थों में विश्व कल्याण संभव हो सकेगा।
संतों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर कार्यक्रम में कई प्रमुख संत और महंत मौजूद रहे। इनमें महामंडलेश्वर गणेशा नंद जी, स्वामी नरेंद्र सरस्वती, दिनेश शुक्ला, अभिषेक पांडे सहित अनेक साधु-संत शामिल थे। सभी ने एक स्वर में विश्व कल्याण दिवस को व्यापक स्तर पर मनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अंत में महंत कृष्ण बिहारी ने आमजन से अपील की कि वे नए साल पर विश्व कल्याण दिवस को धूमधाम और भव्य रूप से मनाएं और इस सकारात्मक पहल का हिस्सा बनें।