पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ लखनऊ में कानूनी शिकंजा !

पूर्व सांसद धनंजय सिंह की मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही हैं। उनके खिलाफ लखनऊ में एफआईआर दर्ज की गई है। उनके खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जौनपुर से पूर्व सांसद रहे धनंजय सिंह के खिलाफ लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है। जैसे ही यह सूचना सार्वजनिक हुई, राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला एक शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है, जिस पर अब विधिक प्रक्रिया के तहत जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

यह मामला सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र स्थित स्वास्तिका सिटी कॉलोनी में सड़क पर कथित अतिक्रमण और दीवार निर्माण से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। जिस स्थान को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, वहीं पूर्व सांसद धनंजय सिंह का आवास भी स्थित है।

पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ लखनऊ में कानूनी शिकंजा !
पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ लखनऊ में कानूनी शिकंजा !

जानकारी के अनुसार, स्वास्तिका सिटी में लगभग 20 फुट चौड़ी सड़क को लेकर विवाद सामने आया। कॉलोनी के निवासियों का आरोप है कि इस सार्वजनिक सड़क पर अतिक्रमण करते हुए दीवार का निर्माण कराया गया, जिससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह सड़क कॉलोनी की आंतरिक सड़क है, जिसका उपयोग सभी निवासी वर्षों से करते आ रहे हैं। दीवार बनाए जाने से सड़क संकरी हो गई और कई जगहों पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।

इस विवाद के बाद स्वास्तिका सिटी के कई निवासियों ने एकजुट होकर पुलिस कमिश्नर लखनऊ से लिखित शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रभावशाली व्यक्ति होने के कारण स्थानीय स्तर पर उनकी बात नहीं सुनी जा रही थी, जिसके चलते उन्होंने सीधे उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई। पुलिस कमिश्नर कार्यालय में शिकायत पहुंचने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया और जांच के निर्देश दिए गए।

प्रारंभिक जांच के बाद सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस स्टेशन में धनंजय सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एफआईआर में सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण, अवैध निर्माण और शांति भंग से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से अभी धाराओं को लेकर आधिकारिक विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा।

पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ लखनऊ में कानूनी शिकंजा !
पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ लखनऊ में कानूनी शिकंजा !

सुशांत गोल्फ सिटी लखनऊ का एक प्रमुख रिहायशी इलाका माना जाता है, जहां बड़े अधिकारी, कारोबारी और राजनीतिक हस्तियां निवास करती हैं। ऐसे इलाके में सड़क पर अतिक्रमण का मामला सामने आना और उसमें किसी पूर्व सांसद का नाम जुड़ना, इसे और भी संवेदनशील बना देता है। यही वजह है कि पुलिस इस मामले में सतर्कता बरतते हुए हर पहलू की जांच कर रही है।

पूर्व सांसद धनंजय सिंह उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक चर्चित चेहरा रहे हैं। जौनपुर जिले में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती है। इससे पहले भी उनका नाम कई विवादों में आ चुका है, जिसको लेकर वे अक्सर सुर्खियों में रहे हैं। ताजा एफआईआर के बाद एक बार फिर उनका नाम राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर कानून-व्यवस्था और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

वहीं, स्वास्तिका सिटी के निवासियों का कहना है कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और सार्वजनिक रास्ते को बचाने की है। उनका कहना है कि कॉलोनी में रहने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को दीवार निर्माण के कारण रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जब स्थानीय स्तर पर शिकायत की गई, तो दबाव के कारण कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।

दूसरी ओर, धनंजय सिंह के समर्थकों का कहना है कि यह विवाद बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है और इसके पीछे राजनीतिक दुर्भावना हो सकती है। समर्थकों का दावा है कि निर्माण कार्य नियमों के तहत किया गया है और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल, धनंजय सिंह की ओर से इस मामले में कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की विधिवत जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर मौके का निरीक्षण, दस्तावेजों की जांच और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कुल मिलाकर, स्वास्तिका सिटी में सड़क अतिक्रमण को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब कानूनी और राजनीतिक रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और उसके निष्कर्ष यह तय करेंगे कि यह मामला महज कॉलोनी विवाद तक सीमित रहता है या प्रदेश की राजनीति में एक बड़े मुद्दे के रूप में उभरता है।

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