यूपी में ठंड और कोहरे की बीच शीतलहर चलने से गलन बढ़ गई हैं. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में सर्दी और बढ़ने का अनुमान जताया है. न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री तक की गिरावट आएगी.
उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घने कोहरे और शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा छा जाने से दृश्यता बेहद कम हो जा रही है, वहीं ठंडी हवाओं के चलते गलन भी बढ़ गई है। शनिवार, 3 जनवरी को भी प्रदेश के ज्यादातर जिलों में कोहरे और शीतलहर का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में ठंड और अधिक बढ़ सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा, यानी बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में घने से लेकर अत्यंत घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। कई जिलों में सुबह के समय दृश्यता शून्य मीटर तक दर्ज की गई, जिससे सड़कों पर चलना बेहद जोखिम भरा हो गया। कोहरे की मोटी सफेद चादर ने शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर यातायात व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। कई जगहों पर वाहन रेंगते नजर आए, तो कहीं-कहीं जाम जैसी स्थिति भी बन गई। रेल और हवाई यातायात भी कोहरे से प्रभावित हुआ है। कई ट्रेनों के देरी से चलने की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं कुछ उड़ानों के समय में भी बदलाव किया गया है।
शीतलहर के चलते तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवाओं की वजह से ठिठुरन बनी रहती है। रात के तापमान में खासा गिरावट देखी जा रही है, जिससे गरीब, बुजुर्ग और छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में लोग अलाव और हीटर का सहारा लेते नजर आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करने की सलाह दी गई है।
कोहरे और ठंड का असर दैनिक जीवन पर भी साफ नजर आ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों और कामकाजी लोगों को सुबह के समय भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है या अवकाश घोषित किया गया है। खेतों में काम करने वाले किसान भी सुबह के समय कोहरे की वजह से देरी से खेतों की ओर निकल रहे हैं।

मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। वाहन चालकों को फॉग लाइट का इस्तेमाल करने, धीमी गति से वाहन चलाने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा प्रशासन ने भी जरूरत पड़ने पर यातायात और जनसुरक्षा से जुड़े आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
आने वाले दिनों की बात करें तो मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर प्रदेश में ठंड का यह दौर अभी जारी रह सकता है। न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे शीतलहर का असर और तेज होगा। हालांकि दिन में धूप निकलने से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन सुबह और रात के समय ठंड और कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ाए रखेंगे।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में घना कोहरा और शीतलहर इस समय बड़ी चुनौती बने हुए हैं। मौसम की इस मार से बचने के लिए सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा उपाय मानी जा रही है।
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