विजय सिंह गोंड को सियासत का लंबा अनुभव था. वो आठ बार विधायक का चुनाव जीते. 2017 और 2022 में हार गए थे लेकिन 2024 के उपचुनाव में जीत थे.
उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक विजय सिंह गोंड का गुरुवार (8 जनवरी) को निधन हो गया। लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और उनकी दोनों किडनी खराब थीं। उनके निधन की खबर से पूरे दुद्धी क्षेत्र समेत प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है।

विजय सिंह गोंड के निधन की जानकारी उनके आधिकारिक फेसबुक पेज के माध्यम से साझा की गई, जहां एक भावुक संदेश पोस्ट किया गया। पोस्ट में बताया गया कि उनका अंतिम संस्कार कनहर नदी घाट पर किया जाएगा। इस संदेश के बाद समर्थकों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में गहरा दुख देखा गया। बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और उनके योगदान को याद कर रहे हैं।

विजय सिंह गोंड उत्तर प्रदेश की सियासत के बड़े और अनुभवी नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने आठ बार विधायक का चुनाव जीतकर एक रिकॉर्ड कायम किया था। दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में उनका प्रभाव बेहद मजबूत रहा और वे जनता के बीच एक जननेता के रूप में पहचाने जाते थे। आदिवासी और पिछड़े वर्ग से आने वाले विजय सिंह गोंड ने अपना पूरा राजनीतिक जीवन गरीबों, वंचितों और शोषितों की आवाज बनकर बिताया।
फेसबुक पर साझा किए गए भावुक संदेश में लिखा गया, “दुद्धी की धरती आज शोक में डूबी हुई है। हम सबके प्रिय, सरल, संघर्षशील और जन-जन के नेता विजय सिंह गोंड, समाजवादी पार्टी के लोकप्रिय विधायक, अब हमारे बीच नहीं रहे। यह केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं है, बल्कि दुद्धी विधानसभा ने आज अपना एक सच्चा अभिभावक खो दिया है।” इस संदेश में उनके व्यक्तित्व और जनसेवा को विशेष रूप से याद किया गया।
पोस्ट में आगे कहा गया कि विजय सिंह गोंड ने अपना पूरा जीवन गरीब, वंचित, आदिवासी और आम जनता के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। वे सत्ता में नहीं, बल्कि सेवा में विश्वास रखते थे। उनका हर कदम दुद्धी के विकास, सम्मान और अधिकारों के लिए उठाया गया। उनके संघर्ष, सादगी और जनता के प्रति समर्पण ने उन्हें एक अलग पहचान दी थी।
विजय सिंह गोंड की राजनीति की शुरुआत जमीनी स्तर से हुई थी। वे हमेशा जनता के बीच रहते थे और उनकी समस्याओं को सीधे सुनकर समाधान के लिए प्रयास करते थे
क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर वे लगातार संघर्षरत रहे। यही वजह थी कि जनता ने बार-बार उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना और उन पर भरोसा जताया।
उनके निधन पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि विजय सिंह गोंड का जाना पार्टी और प्रदेश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है। अखिलेश यादव ने उन्हें एक समर्पित जननेता बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा समाज के कमजोर वर्गों के हक की लड़ाई लड़ी।
दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में उनके निधन के बाद शोक का माहौल है। समर्थक और आम लोग उनके आवास और अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचकर श्रद्धांजलि देने की तैयारी कर रहे हैं। विजय सिंह गोंड का जीवन और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। उनका जाना भले ही एक युग का अंत हो, लेकिन जनता के दिलों में उनकी यादें और उनके किए गए कार्य हमेशा जीवित रहेंगे।
पार्टी को जो क्षति हुई उसकी भरपाई मुश्किल- अखिलेश
अस्पताल पहुंचने के बाद अखिलेश यादव ने कहा, “आदिवासी भाई बहनों के बीच उन्होंने जीवन भर काम किया. जनता ने हमेशा उनका साथ दिया. कई बार के विधायक और आदिवासी भाई बहनों के हकों की लड़ाई लड़ने वाले आज हमारे बीच नहीं रहे. समाजवादी पार्टी सभी साथी इस वक्त दुखी हैं. उनके जाने के बाद पार्टी की जो क्षति हुई है उसकी भरपाई मुश्किल है. हमने आदिवासी एक जमीनी नेता को खोया है.”
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