कानपुर में नाबालिग से कार में अपहरण कर गैंगरेप का गंभीर मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. फरार आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है.
कानपुर में नाबालिग के अपहरण के बाद गैंगरेप का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोप सीधे तौर पर पुलिस महकमे से जुड़े एक दरोगा पर लगे हैं। भीमसेन चौकी प्रभारी दारोगा अमित मौर्या की भूमिका सामने आने के बाद न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे हैं, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और भरोसे पर भी गंभीर असर पड़ा है। घटना सचेंडी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है और वारदात के बाद से आरोपी दरोगा फरार चल रहा है।

दो दिन से अधिक समय तक गिरफ्तारी न होने पर पुलिस कमिश्नर के सख्त निर्देश पर फरार आरोपी दरोगा अमित मौर्या पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। इसके बावजूद अब तक उसकी गिरफ्तारी न हो पाने से पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला कानपुर का है, जिसने न केवल आम लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि खुद पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस जघन्य वारदात की परतें खुलती जा रही हैं। पीड़िता के बयान के मुताबिक, रविवार रात करीब 10 बजे वह अपने घर से बाहर निकली थी।
उसी दौरान एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी उसके पास आकर रुकी। गाड़ी में सवार दो युवकों ने उसे जबरन पकड़ लिया और खींचकर कार में डाल लिया।
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद उसे सचेंडी इलाके में रेलवे ट्रैक के पास एक सुनसान जगह पर ले जाया गया। वहां शीशे बंद कार के अंदर करीब दो घंटे तक उसके साथ दरिंदगी की गई। इस दौरान वह लगातार मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन सुनसान इलाके में कोई उसकी आवाज सुनने वाला नहीं था। वारदात के बाद आरोपी उसे सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए।

पुलिस जांच में सामने आई दरोगा की भूमिका
घटना की जानकारी मिलने के बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो मामले ने एक नया मोड़ ले लिया। जांच के दौरान सामने आया कि इस वारदात में भीमसेन चौकी प्रभारी दारोगा अमित मौर्या की सीधी भूमिका है। पीड़िता और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दरोगा को आरोपी बनाया। इसके बाद से ही आरोपी दारोगा फरार हो गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी दरोगा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए न केवल अपराध को अंजाम दिया, बल्कि घटना के बाद सबूत मिटाने की भी कोशिश की। हालांकि, पीड़िता के बयान, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
इनाम घोषित, तलाश तेज
आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस कमिश्नर ने सख्त रुख अपनाया है। उनके निर्देश पर फरार दरोगा अमित मौर्या पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। साथ ही कई जिलों में पुलिस टीमें भेजी गई हैं और आरोपी के रिश्तेदारों व परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है।
पीड़िता को न्याय का भरोसा
इस पूरे मामले में पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस सतर्क है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसे काउंसलिंग की सुविधा भी दी जा रही है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे किसी भी पद पर क्यों न हों।
यह मामला न सिर्फ एक जघन्य अपराध का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अगर कानून के रखवाले ही अपराध में शामिल हो जाएं, तो आम जनता का भरोसा कितना डगमगा सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस कब फरार आरोपी दरोगा को गिरफ्तार कर पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाती है।
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