अस्पताल परिसर में हथियारों का जखीरा? खुदाई में निकले 1000 कारतूस !

 बीकानेर के महाजन कस्बे में सरकारी अस्पताल की खुदाई में लगभग 1000 जिंदा कारतूस मिलने से सनसनी फैल गई. पुलिस और आर्मी इंटेलिजेंस जाँच कर रही है कि ये पुराने कारतूस कहां से आए?

राजस्थान के बीकानेर जिले से एक हैरान करने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। बीकानेर के महाजन कस्बे में स्थित सरकारी अस्पताल परिसर में चल रहे खुदाई कार्य के दौरान करीब एक हजार जिंदा कारतूस मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना उस समय सामने आई जब अस्पताल भवन के पीछे निर्माण या मरम्मत से जुड़ा खुदाई कार्य चल रहा था।

अस्पताल परिसर में हथियारों का जखीरा? खुदाई में निकले 1000 कारतूस !
अस्पताल परिसर में हथियारों का जखीरा? खुदाई में निकले 1000 कारतूस !

जानकारी के मुताबिक, खुदाई में लगे मजदूरों को जमीन के अंदर दबा हुआ एक थैला मिला। जब थैले को खोलकर देखा गया तो उसमें भारी मात्रा में जिंदा कारतूस मौजूद थे। कारतूसों की संख्या करीब 1000 बताई जा रही है। अचानक इतनी बड़ी संख्या में कारतूस मिलने से मजदूर घबरा गए और तुरंत काम रोक दिया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल प्रशासन को सूचना दी, जिसने बिना देर किए स्थानीय पुलिस को मामले से अवगत कराया।

सूचना मिलते ही महाजन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों को भी सतर्क किया गया ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो। कारतूस मिलने की खबर फैलते ही अस्पताल में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि पुलिस और प्रशासन की तत्परता से स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में ले लिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद आर्मी इंटेलिजेंस के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू की। सुरक्षा एजेंसियों ने कारतूसों की जांच की और यह पता लगाने की कोशिश की कि ये किस प्रकार के हैं और इनका उपयोग किस हथियार में किया जाता है।

पुलिस ने सभी कारतूसों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कारतूस काफी पुराने हैं और उनमें जंग लगी हुई है, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि ये लंबे समय से जमीन के नीचे दबे हुए थे। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये कारतूस कब और किस उद्देश्य से वहां छिपाए गए थे।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी अस्पताल परिसर में इतनी बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस आखिर पहुंचे कैसे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह इलाका पहले कभी सैन्य गतिविधियों से जुड़ा रहा है या फिर किसी अवैध गतिविधि के तहत कारतूसों को वहां छिपाया गया था। बीकानेर जिला सैन्य दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है और आसपास कई सैन्य क्षेत्र भी मौजूद हैं, ऐसे में जांच एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखकर पड़ताल कर रही हैं।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कारतूस किस कैलिबर के हैं और क्या इनका संबंध किसी विशेष हथियार या यूनिट से हो सकता है। आर्मी इंटेलिजेंस और पुलिस की संयुक्त टीम कारतूसों के स्रोत और उनकी सप्लाई लाइन को खंगालने में जुटी हुई है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं यह मामला किसी बड़ी साजिश से तो जुड़ा नहीं है।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उन्हें इस बारे में पहले कोई जानकारी नहीं थी और खुदाई के दौरान यह पूरी तरह से अप्रत्याशित रूप से सामने आया। प्रशासन ने जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है।

फिलहाल, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुटी हैं। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि सरकारी अस्पताल परिसर में मिले ये कारतूस किसी पुराने सैन्य अवशेष हैं या फिर इसके पीछे कोई और गंभीर कारण छिपा हुआ है।

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