Union Budget 2026 देश की आर्थिक वृद्धि को गति देने, मिडिल क्लास को राहत देने और रोजगार सृजन पर केंद्रित रहा। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, कैपिटल एक्सपेंडिचर और निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। सरकार ने युवाओं, किसानों, महिलाओं और MSME सेक्टर के लिए कई अहम प्रावधान किए हैं।
साथ ही हेल्थ, एजुकेशन, डिजिटल इंडिया और ग्रीन एनर्जी को प्राथमिकता दी गई है। कुल मिलाकर बजट 2026 को विकास, भरोसे और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मजबूती देने के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) में बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया है। सड़क, रेलवे, शहरी विकास, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं पर सरकार का फोकस साफ नजर आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ा हुआ खर्च न केवल आर्थिक गतिविधियों को तेज करेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

मिडिल क्लास के लिए बजट में राहत देने की कोशिश की गई है। टैक्स सिस्टम को सरल बनाने, आय में वृद्धि और खर्च करने की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है, जिससे घरेलू खपत को मजबूती मिल सके। सरकार का मानना है कि मिडिल क्लास की क्रय शक्ति बढ़ने से अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा।
Union Budget 2026 में युवाओं और रोजगार सृजन को भी खास प्राथमिकता दी गई है। स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाओं और प्रावधानों का ऐलान किया गया है। MSME सेक्टर के लिए वित्तीय सहायता, आसान ऋण और तकनीकी सहयोग के जरिए छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
किसानों और ग्रामीण भारत के लिए भी बजट में अहम प्रावधान किए गए हैं। कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, फसल भंडारण और ग्रामीण रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर फोकस रखा गया है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। इसके साथ ही महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं को बढ़ावा दिया गया है।
हेल्थ और एजुकेशन सेक्टर को भी बजट 2026 में प्राथमिकता मिली है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल हेल्थ सेवाओं पर सरकार का जोर रहा है। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल लर्निंग, स्किल बेस्ड एजुकेशन और रिसर्च को बढ़ावा देने के संकेत दिए गए हैं।
इसके अलावा डिजिटल इंडिया और ग्रीन एनर्जी को भविष्य की जरूरत मानते हुए इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने का रोडमैप पेश किया गया है। कुल मिलाकर Union Budget 2026 को विकास, भरोसे और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक संतुलित और दूरदर्शी बजट के रूप में देखा जा रहा है।