योगी सरकार ने चुनावी दांव चला, बजट में किसानों को खास सौगात !

योगी सरकार का बजटीय दांव, पंचायत चुनाव से पहले किसान एजेंडा मजबूत

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आज विधानसभा में वित्त वर्ष 2026 का बजट पेश कर दिया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत इस बजट में किसानों को केंद्र में रखा गया है। बजट में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से प्रदेश के करोड़ों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

योगी सरकार ने चुनावी दांव चला, बजट में किसानों को खास सौगात !
योगी सरकार ने चुनावी दांव चला, बजट में किसानों को खास सौगात !

विधानसभा में बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि योगी सरकार ने अपने कार्यकाल में कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता दी है और इसका असर जमीन पर दिख रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सिंचाई, फसल बीमा, किसान सम्मान निधि, कृषि यंत्रीकरण और कृषि विपणन के क्षेत्र में कई ठोस कदम उठाए हैं। अब बजट 2026 में इन प्रयासों को और विस्तार देने का प्रावधान किया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि विश्व बैंक की सहायता से चल रही उत्तर प्रदेश एग्रीज परियोजना के तहत प्रदेश में कई एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे। इन हब्स का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच देना है, ताकि किसानों को उनकी फसलों का बेहतर मूल्य मिल सके। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने बताया कि एग्री-एक्सपोर्ट हब के माध्यम से सब्जी, फल, दलहन, तिलहन और अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वे सीधे वैश्विक बाजार से जुड़ सकेंगे।

बजट भाषण में सुरेश खन्ना ने यह भी कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में अब तक किसानों के हित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। सिंचाई परियोजनाओं के जरिए लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान की गई है, वहीं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं और धान की रिकॉर्ड खरीद की गई है।

वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए अनुदान पर कृषि उपकरण उपलब्ध करा रही है, जिससे खेती की लागत कम हो और उत्पादन बढ़े। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्रों और किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है।

बजट 2026 में जैविक खेती और प्राकृतिक खेती को भी प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। इसके अलावा, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह बजट अहम माना जा रहा है, क्योंकि प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों की तैयारी शुरू हो चुकी है। ऐसे में किसानों के लिए किए गए ऐलान को सरकार का बड़ा चुनावी दांव माना जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में किसानों की भूमिका को देखते हुए सरकार ने बजट में कृषि क्षेत्र पर खास फोकस रखा है।

कुल मिलाकर, योगी सरकार का बजट 2026 किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने और प्रदेश की कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि बजट में की गई घोषणाएं जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से लागू होती हैं।

योगी सरकार के बजट में किसानों के लिए सौगात

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट में किसानों का जिक्र करते हुए अपनी सरकार में हुए कामों को गिनाया. उन्होंने कहा- 

– हमारी सरकार के अब तक के कार्यकाल में 3,04,321 करोड़ रूपये से अधिक के रिकॉर्ड गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया है.
– यह भुगतान इसके पूर्व के 22 वर्षों के सम्मिलित गन्ना मूल्य भुगतान 2,13,519 करोड़ रुपये से भी 90,802 करोड़ रुपये अधिक है.
– पेराई सत्र 2025-2026 हेतु गन्ना मूल्य की दरों में 30 रुपये प्रति कुन्तल की वृद्धि की गयी है. इस बढ़ोत्तरी से गन्ना किसानों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान प्राप्त होगा. 
– रबी विपणन वर्ष 2025-2026 में कृषकों से 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं का क्रय करते हुए 2,512 करोड रुपये का भुगतान किया गया.
– खरीफ विपणन वर्ष 2025-2026 में कृषकों से 42.96 लाख मीट्रिक टन धान का क्रय करते हुए 9,710 करोड़ रूपये से अधिक का भुगतान किया गया.
– खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 54,253 कृषकों से 2.14 लाख मीट्रिक टन बाजरा क्रय करते हुए कृषकों को 595 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया.
– नलकूपों से सिंचाई के लिए किसानों को दिनांक 1 अप्रैल 2023 से मुफ्त विद्युत आपूर्ति प्रदान की जा रही है.
– वर्ष 2025-2026 में अल्पकालिक फसली ऋण वितरण के अन्तर्गत दिनांक 19 दिसम्बर 2025 तक 10,257 करोड़ रुपये का ऋण वितरण कर 15 लाख 01 हजार कृषकों को लाभान्वित किया गया. 
– वर्ष 2025-2026 मे दीर्घकालिक ऋण वितरण के लक्ष्य रुपये 600 करोड़ के सापेक्ष दिनांक 30 नवम्बर, 2025 तक 205 करोड़ रुपये का ऋण वितरण कर 6,870 कृषकों को लाभान्वित किया गया.
– प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत 2017-2018 से 2024-2025 तक लगभग 62 लाख कृषकों को 5,110 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया. 
– वर्ष 2025-2026 में खरीफ के अन्तर्गत माह दिसम्बर, 2025 तक 2.69 लाख बीमित कृषकों को 215 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है. 
– प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में माह दिसम्बर, 2025 तक 3.12 करोड़ कृषकों को लगभग 94,668 करोड़ रूपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से कृषकों के खातों में हस्तान्तरित की गई. 

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