संघ प्रमुख मोहन भागवत की सुरक्षा को लेकर भी कड़े इंतजाम किए गए हैं. इसके पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत 12 जून 2024 को पांच दिवसीय प्रवास पर गोरखपुर आए थे.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 14 फरवरी को तीन दिवसीय प्रवास पर गोरखपुर आ रहे हैं। यह दौरा संघ के शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने इस प्रवास के दौरान मोहन भागवत संगठनात्मक बैठकों के साथ-साथ सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे।

संघ प्रमुख मोहन भागवत 14 फरवरी की शाम गोरखपुर पहुंचेंगे। तीन दिन के प्रवास के दौरान वे जिले, विभाग और प्रांत स्तर की कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में संघ के शताब्दी वर्ष पर आयोजित और प्रस्तावित कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी, साथ ही आगे की रणनीति और योजना रचना पर विस्तार से चर्चा होगी। संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के उद्देश्य से इन बैठकों को अहम माना जा रहा है।
इस दौरे के दौरान कुटुंब प्रबोधन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और राष्ट्र निर्माण में परिवार की भूमिका पर चर्चा होगी। संघ की ओर से बताया गया है कि शताब्दी वर्ष के अवसर पर समाज के हर वर्ग को जोड़ने और वैचारिक संवाद को व्यापक बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रवास के दूसरे दिन, 15 फरवरी (रविवार) को सुबह 9:30 बजे से मोहन भागवत एक सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित करेंगे। इस बैठक में पूरे प्रांत से विभिन्न जातियों, वर्गों और सामाजिक समरसता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रमुख सामाजिक लोग शामिल होंगे। बैठक के दौरान मोहन भागवत उपस्थित लोगों से संवाद स्थापित करेंगे और सामाजिक समरसता, आपसी सौहार्द और एकता जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। संघ का मानना है कि सामाजिक सद्भाव ही राष्ट्र की मजबूती की आधारशिला है।
तीन दिवसीय प्रवास के दौरान संघ प्रमुख की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की भी संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक गलियारों में इस संभावित मुलाकात को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार, 14 फरवरी को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर आने की संभावना है, जिससे दोनों के बीच मुलाकात हो सकती है। हालांकि, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
संघ प्रमुख मोहन भागवत की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से कड़े इंतजाम किए गए हैं। गोरखपुर में उनके प्रवास स्थलों और कार्यक्रम स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं, ताकि दौरे के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
गौरतलब है कि इससे पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत 12 जून 2024 को पांच दिवसीय प्रवास पर गोरखपुर आए थे। उस दौरान भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी मुलाकात को लेकर काफी चर्चाएं हुई थीं। हालांकि, योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर में मौजूद रहने के बावजूद राजनीतिक हलचल के बीच दोनों की मुलाकात नहीं हो पाई थी। इस कारण उस समय सियासी गलियारों में कई तरह के कयास लगाए गए थे।
इस बार संघ के शताब्दी वर्ष और आगामी कार्यक्रमों को देखते हुए मोहन भागवत का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। संगठनात्मक दृष्टि से जहां यह प्रवास संघ की आगामी रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण होगा, वहीं राजनीतिक दृष्टि से भी इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। अब देखना यह होगा कि इस दौरे के दौरान मोहन भागवत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात होती है या नहीं, और इससे क्या संदेश निकलकर सामने आता है।
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